गांवों में पंचायतों ने बनाया है स्वच्छता दल

हमर छत्तीसगढ़ योजना : खुले में शौचमुक्त होने के बाद भी गांव में स्वच्छता दल करता है रोज निगरानी : बतौली विकासखंड के गांवों में पंचायतों ने बनाया है स्वच्छता दल
रायपुर. 14 अप्रैल 201 - छत्तीसगढ़ के गांव तेजी से खुले में शौचमुक्त गांव का दर्जा पा रहे हैं। गांवों के खुले में शौचमुक्त होने के बाद अब लोग इतने जागरूक हो गए हैं कि वहां नियमित और स्थाई साफ-सफाई के लिए अपने स्तर पर इंतजाम कर रहे हैं। हमर छत्तीसगढ़ योजना में अध्ययन भ्रमण पर रायपुर आईं सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के बिरिमकेला पंचायत की पंच श्रीमती फूलकंवर सिंह बताती हैं कि लोगों की जागरूकता और पंचायत के प्रयासों से गांव खुले में शौचमुक्त तो गया है, लेकिन गांव को स्वच्छ बनाए रखने के लिए लगातार निरीक्षण और देखरेख भी जरूरी है। इसके लिए स्वच्छता निगरानी टीम बनाई गई है। वे बताती हैं कि बतौली विकासखंड के सभी गांवों में ऐसी टीम गठित की गई है। यह टीमें हर महीने की 10 तारीख को बैठक कर अपने-अपने गांवों में स्वच्छता की स्थिति पर विचार-विमर्श करती हैं।  

बिरिमकेला की पंच श्रीमती फूलकंवर सिंह कहती हैं कि बरसों से चली आ रही खुले में शौच करने की परंपरा पर रोक लगाना आसान नहीं था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर स्वच्छ भारत मिशन शुरू होने के बाद हमारे पंचायत ने भी गांव को खुले में शौचमुक्त बनाने का संकल्प लिया। अभियान को गति देने 12 लोगों का स्वच्छता दल बनाया गया। इसमें छह महिलाओं और छह पुरूषों को शामिल किया गया। दल को अलग पहचान देने नीले रंग का ड्रेस दिया गया है। यदा-कदा कोई ग्रामीण खुले में शौच करने जाते दिखता है, तो स्वच्छता दल के सदस्य व्हिसिल बजाकर उसे आगाह करते हैं। खुले में शौच करने पर पंचायत द्वारा 500 रूपए के अर्थदण्ड का प्रावधान किया गया है। अर्थदंड की यह राशि पंचायत के स्वच्छता फंड में जमा किया जाता है।

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