गर्मी के धान उगाने पर बिजली कटेगी

मुख्यमंत्री ने लोक समाधान शिविर में दिए निर्देश : सूखा प्रभावित इलाकों के पेयजल संकटग्रस्त गांवों में गर्मी के धान की खेती के लिए नहीं मिलेगी बिजली: पीने का पानी सर्वोच्च प्राथमिकता

पेयजल के लिए सिंगल फेस पावर पम्प और सोलर पम्प लगाए जाएंगे, डॉ. रमन सिंह ने उज्ज्वला योजना में 46 महिलाओं को दिए रसोई गैस कनेक्शन

रायपुर 06 मई 2017 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अधिकारियों से कहा है कि सूखा प्रभावित इलाकों में पेयजल संकट वाले गांवों में अगर गर्मी के मौसम में धान की खेती के लिए विद्युतीकृत सिंचाई पम्पों का उपयोग किया जा रहा है तो ऐसे सिंचाई पम्पों की बिजली का कनेक्शन तुरंत काट दिया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जिला कलेक्टरों को इसका अधिकार दिया है। मुख्यमंत्री आज दोपहर बेमेतरा जिले के ग्राम झाल में लोक सुराज अभियान के तहत आयोजित लोक समाधान शिविर में जनता को सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. सिंह ने कहा-मुझे बताया गया है कि इस जिले के सूखा प्रभावित इलाकों के कुछ गांवों में किसान गर्मी के धान के लिए विद्युतीकृत सिंचाई पम्पों के जरिए पानी ले रहे हैं। 
उन्होंने कहा-गर्मी के धान की खेती में पानी बहुत अधिक लगता है और भू-जल स्तर में गिरावट आती है। उसका प्रभाव हैण्डपम्पों और नलजल योजनाओं के नलकूपों पर भी पड़ता है। उन्होंने इसे ध्यान में रखकर किसानों से गर्मी के मौसम में धान की खेती नहीं करने और रबी की दूसरी फसलें लगाने के अपील की। उन्होंने कहा - मैंने पहले भी कई बार अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा-इस मौसम में पेयजल समस्या के निराकरण के लिए सिंगल फेस पॉवर पम्प और सोलर पंप स्थापित करने के निर्देश जिला कलेक्टरों को दिए गए हैं। उन्होंने ऊर्जा विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को भी इस मौसम में खास तौर पर मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। उन्होंने शिविर में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 46 महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शनों का वितरण किया। डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्रता रखने वाले 321 परिवारों को पक्का मकान स्वीकृत करने के लिए जिला प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
 

जनता को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा-योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना और आम जनता के जीवन में गुणात्मक परिवर्तन लाना, लोक सुराज अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि अभियान के स्वरूप में इस बार कुछ बदलाव करते हुए इसमें जन समस्याओं के समाधान को लक्ष्य बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिले में मनरेगा के तहत ग्रामीणों के लिए अधिक से अधिक रोजगारमूलक कार्य संचालित किए जाएं, साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि मनरेगा में श्रमिकों का कोई भी भुगतान बकाया न रहे। उन्होंने कहा-इस भीषण गर्मी में भी लोक सुराज अभियान को प्रदेशवासियों का उत्साहजनक सहयोग और समर्थन मिल रहा है। चौपालों और समाधान शिविरों में किसानों, मजदूरों, छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। उन्होंने कहा- अभियान के तहत जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से लेकर सभी मंत्री, जनप्रतिनिधि और शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी समाधान शिविरों में पहुंच रहे हैं। 

उल्लेखनीय है कि जिले के नवागढ़ विकासखण्ड के ग्राम झाल में आज लगाए गए समाधान शिविर में झाल कलस्टर से संबंधित 10 ग्राम पंचायतों क्रमशः-बंधी, बिलई, चाराभाठा, धनगांव, झाल, मरका, लावातरा, अतरिया, झालम और ढोलिया के 1518 आवेदन पत्रों में बताई गई समस्याओं के समाधान की जानकारी लोगों को दी गई। इनमें 960 आवेदन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से और 558 अन्य विभागों से संबंधित है। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने शिविर में खाद्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, पी.एच.ई., विद्युत, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास और पुलिस विभाग की योजनाओं की कलस्टर से संबंधित समस्याओं की विभागवार समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष रूप से बल दिया। डॉ. सिंह ने कहा -सूखा प्रभावित इलाकों के स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों में भी बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। 

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