खोले गए पन्द्रह हजार से अधिक नये सरकारी स्कूल

राज्य में अब शासकीय स्कूलों की संख्या 56 हजार 606 और विद्यार्थियों की संख्या 55.64 लाख

छत्तीसगढ़ में राज्य शासन द्वारा विगत लगभग पांच वर्ष में पन्द्रह हजार 039 नये सरकारी स्कूल खोले गए है। इनमें सर्वाधिक संख्या सात हजार 940 नये मिडिल स्कूलों की है।

छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी को उनके गांवों और शहरों में स्थानीय स्तर पर शिक्षा की अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन में इस दौरान पांच हजार 155 नये प्राथमिक विद्यालय, एक हजार 084 नये हाई स्कूल और 860 नवीन हायर सेकेण्डरी स्कूल भी शुरू किए गए है। इन्हें मिलाकर राज्य में अब प्राथमिक शालाओं की संख्या 37 हजार 062, मिडिल स्कूलों की संख्या 15 हजार 038, हाई स्कूलों की संख्या दो हजार 260 और हायर सेकेण्डरी स्कूलों की संख्या दो हजार 246 तक पहुंच गई है। इन सभी स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की संख्या वर्तमान में 55 लाख 64 हजार है। इनमें से 33 लाख 56 हजार विद्यार्थी प्राथमिक शालाओं में और 14 लाख 55 हजार विद्यार्थी मिडिल स्कूलों में अध्ययनरत है, जबकि हाई स्कूलों में छात्र-छात्राओं की दर्ज संख्या चार लाख 89 हजार और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में दो लाख 64 हजार हो गई है।

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री अजय चन्द्राकर ने बताया कि राज्य में वर्ष 2003-04 में प्राथमिक शालाओं की संख्या 31 हजार 907 थी, जो कि अब 37 हजार 062 तक पहुंच गई है। वर्ष 2003-04 में ही राज्य में मिडिल स्कूलों (पूर्व माध्यमिक शालाओं) की संख्या सात हजार 098 थी, जो आज की स्थिति में पन्द्रह हजार 038 हो गई है। वर्ष 2003-04 में ही प्रदेश में एक हजार 176 हाई स्कूल और एक हजार 386 हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित किये जा रहे थे, इनकी संख्या अब क्रमश: दो हजार 260 और दो हजार 246 हो गयी है। श्री चन्द्राकर ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशा के अनुरूप प्रदेश के सभी बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिले इसके लिए स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों के पद भी स्वीकृत किए गए है। उन्होंने बताया कि इस दौरान विभिन्न श्रेणियों के कुल 47 हजार 172 शिक्षकों के पदों का सृजन किया गया है। मिडिल स्कूल शिक्षक और हाई स्कूलों में शिक्षा के स्थान पर व्याख्याता के पद निर्मित किए गए है। इसी कड़ी में शिक्षका के पन्द्रह हजार 208, व्याख्याताओं के आठ हजार 937 पदों का सृजन करने हुए प्राथमिक शालाओं के प्रधान अध्यापकों के सोलह हजार 145 और मिडिल स्कूलों के प्रधान अध्यापक के छह हजार 982 अतिरिक्त पदों की स्वीकृति दी गई है। पद निर्मित करने के साथ ही उन्हें भरने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा व्याख्याताओं के पदों को भरने के लिए एक हजार 600 शिक्षक को पदोन्नति दी गई है। इन सभी फैसलों पर अमल करने के लिए राज्य शासन द्वारा हर साल 267 करोड़ रूपए की अतिरिक्त धन राशि खर्च की जाएगी।

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