खरीफ मौसम 2017 के लिए कार्ययोजना

छत्तीसगढ़ में इस बार के मानसून के दौरान 48 लाख हेक्टेयर में खेती करने का लक्ष्य : खरीफ मौसम 2017 के लिए कार्ययोजना तैयार
रायपुर, 30 मई 2017 - राज्य शासन के कृषि विभाग द्वारा खरीफ मौसम 2017 के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाई गई है। इसमें विभिन्न फसलों की बोआई के साथ-साथ खाद-बीज के वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ में खरीफ मौसम में अनाज फसलों के अलावा दलहनी-तिलहनी फसलों की भी खेती होती है। इस मौसम में धान छत्तीसगढ़ की मुख्य फसल है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में खरीफ मौसम 2017 में लगभग 48 लाख हेक्टेयर में विभिन्न फसलों की बोआई करने की तैयारी की गई है। इसमें से 37 लाख 50 हजार हेक्टेयर में धान, 2.25 लाख हेक्टेयर में मक्का, 1.05 लाख हेक्टेयर में अरहर, 1.40 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। इनके अलावा अन्य दलहनी और तिलहनी फसलों तथा साग-सब्जी की खेती के लिए रकबा तय कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि किसानों को सात लाख 48 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। विभाग द्वारा छह लाख 72 हजार क्विंटल धान, छह हजार 735 क्विंटल मक्का, छह हजार 425 क्विंटल अरहर तथा 48 हजार 100 क्विंटल सोयाबीन बीज बांटने का कार्यक्रम बनाकर इन बीजों का भण्डारण कर लिया गया है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि किसानों को खरीफ फसलों के लिए पांच लाख 25 हजार मीटरिक टन यूरिया, दो लाख 50 हजार मीटरिक टन डीएपी, 80 हजार मीटरिक टन एनपीके, 60 हजार मीटरिक टन एमओपी तथा एक लाख 10 हजार मीटरिक टन एसएसपी खाद बांटने की तैयारी कर ली गई है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार खरीफ मौसम 2017 में किसानों को लगभग तीन हजार दो सौ करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में किसानों को ऋण बांटने का काम एक अप्रेल 2017 से शुरू हो चुका है। 

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