कृषि

कृषि सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल पेंड्री लोक सुराज में

प्रदेश सरकार के कार्यों से संतुष्ट है जनता: श्री बृजमोहन अग्रवाल : लोक सुराज अभियान दौरे में पेंड्री पहुंचे कृषि मंत्री

समाधान शिविर में लगभग 88 लाख रूपए के विकास कार्यों की स्वीकृति: हितग्राहियों को 10 लाख के चेक बांटे

अंतरिक्ष विज्ञान के इस्तेमाल से बढ़ता कृषि संसार

कृषि बागवानी, पशुपालन, मात्स्यिकी, डेरी आदि के क्षेत्र में अब तक इस योजना के तहत 1.5 लाख से ऊपर परिसंपतियां सृजित/विकसित की गई है: श्री राधा मोहन सिंह 

सरकार शासन में पारदर्शिता के प्रति वचनबद्ध है और परिसंपतियों की सूची तैयार करने में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों का उपयोग एक स्वागत योग्य कदम है: केंद्रीय कृषि मंत्री 

अंतरिक्ष विज्ञान के इस्तेमाल से किसान आदान परीक्षण/प्रदाता केंद्रों, भंडारण सुविधाओं, मंडियों, बाजार आदि मूलभूत सुविधाओं का समय पर उपयोग कर सकेंगे: श्री सिंह

 

युवाओं जागो और जगाओ, ग्राम-सभा

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष में ‘युवाओं जागो और जगाओ, ग्राम-सभा’ शीर्षक से प्रकाशित पुस्तिका का विमोचन किया।

इस अवसर पर विधायक श्री शिवरतन शर्मा और इस पुस्तिका के लेखक और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री गौरीशंकर अग्रवाल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने युवाओं जागो और जगाओ, ग्राम-सभा पुस्तिका के प्रकाशन पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। 

हरिहर खेती बाड़ी योजना की प्रशासकीय स्वीकृति

सुकमा 08 अप्रैल 2016 - कार्यालय कलेक्टर द्वारा एनएमडीसी परिक्षेत्र विकास निधि एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना तथा मूलभूत योजना अन्तर्गत अभिसरण के तहत् कोण्टा विकासखण्ड में हरियर बाड़ी योजनान्तर्गत 110 हितग्राहियों को योजना के लिए कुल 2 करोड़ 42 लाख 68 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किया गया हैं। इस कार्य के लिए कार्य एजेन्सी उप संचालक कृषि सुकमा को बनाया गया हैं।

छत्तीसगढ़ अगले दस साल में कृषि, ऊर्जा, खनिज और उद्योग के क्षेत्र में देश का सबसे विकसित राज्य

टैक्स-फ्री राज्य बनने की सारी संभावनाएं मौजूद हैं छत्तीसगढ़ में: डॉ. रमन सिंह
नक्सल प्रभावित इलाकों में भी विकास की ललक बढ़ी
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय प्रशासनिक सुधार आयोग से कहा

एक हजार करोड़ रूपए से बनेगा राष्ट्रीय संस्थान

जैविक बाधाओं को दूर करने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय संस्थान

छत्तीसगढ़ में खेती किसानी से संबंधित रोगों, कीड़े-मकोड़ों सहित अन्य जैविक बाधाओं से निपटने एक हजार रूपए करोड़ रूपए की लागत वाला राष्ट्रीय संस्थान स्थापित किया जाएगा। इस संस्थान की स्थापना के लिए केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को सैध्दातिक स्वीकृति भी दे दी गयी है। कृषि संकाय पर यह संस्थान छत्तीसगढ़ का पहला राष्ट्रीय स्तर का संस्थान होगा। यह संस्थान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा स्थापित किया जाएगा।