किसान भवन प्रस्तुतीकरण में कृषि मंत्री चन्द्रशेखर साहू

छत्तीसगढ़ की राजधानी में बनेगा किसान भवन : मुख्यमंत्री ने कार्ययोजना को दी हरी झंडी
लगभग 54 करोड़ की लागत से 52 एकड़ में विकसित होगा  किसान भवन परिसर
जैविक उत्पाद हाट, किसान मॉल और प्रयोगशाला की सुविधा भी उपलब्ध होगी

रायपुर, 29 अक्टूबर 2011 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की परिकल्पना के अनुरूप छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 'किसान भवन' का निर्माण किया जाएगा। इसका निर्माण 52 एकड़ के रकबे में लगभग 54 करोड़ रूपए की लागत से यहां किया पंडरी स्थित कृषि उपज मंडी प्रांगण में किया जाएगा। इसमें पांच सौ किसानों के ठहरने के लिए 225 कमरे होंगे। इसके साथ ही यहां एक हजार व्यक्तियों की क्षमता के एक विषाल सभागृह, जैविक उत्पाद हाट, प्रयोगषाला भवन और किसान मॉल का भी निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री को आज यहां मंत्रालय में आयोजित बैठक में कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने राज्य कृषि विपणन बोर्ड (मंडी बोर्ड) की ओर से इसके लिए तैयार कार्ययोजना के प्रारूप की जानकारी दी। डॉ. सिंह ने कार्ययोजना के अवलोकन के बाद किसान भवन निर्माण के लिए अपनी सहमति प्रदान करते हुए हरी झंडी दे दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भवन के निर्माण से छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए राजधानी में उनका स्वयं का एक ऐसा भवन उपलब्ध होगा, जिसमें उन्हें ठहरने की सुविधा के साथ-साथ खेती-किसानी से संबंधित व्यावसायिक प्रषिक्षण, नवीनतम तकनीकी जानकारी, उनके कृषि उत्पादों के विक्रय और खेती में प्रयुक्त आदानों (बीज, खाद, मिट्टी आदि) की गुणवत्ता की जांच की सुविधा एक ही स्थान पर आसानी से मिल सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने यहां प्रदेश के विभिन्न जिलों के किसानों के लिए निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम अनुसंधान एवं तकनीकी से अवगत कराने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है। इसके लिए शासकीय संस्थानों के साथ-साथ व्यवसायिक संस्थाओं से भी विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाना चाहिए।
कृषि मंत्री श्री साहू ने बैठक में मुख्यमंत्री को बताया कि प्रस्तावित किसान भवन परिसर में किसानों को  उनके जैविक कृषि पैदावारों की बिक्री के लिए बाजार की सुविधा भी मिलेगी। उन्होंने बताया कि भवन परिसर में एक विशाल सभागृह भी बनवाया जाएगा, जिसमें एक हजार लोग बैठ सकेंगे। इसके साथ ही लगभग दो सौ किसानों के प्रशिक्षण के लिए कान्फ्रेंस हाल भी बनाया जाएगा। कृषि मंत्री ने बैठक में यह भी बताया कि परिसर में 'किसान मॉल' भी बनवाया जाएगा, जहां किसानों को उन्नत कृषि उपकरण, खाद और बीज आदि उचित मूल्य पर खरीदने की भी सुविधा मिलेगी। यहां इसके लिए एक व्यावसायिक परिसर बनेगा और साथ ही बीजों और मिट्टी परीक्षण आदि के लिए प्रयोगशाला परिसर का भी निर्माण किया जाएगा। बैठक में प्रमुख सचिव कृषि और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री डी.एस. मिश्रा और राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री एस.के. जायसवाल ने किसान भवन की कार्ययोजना के बारे में प्रस्तुतिकरण दिया।
मंडी बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि कृषि उपज मंडी प्रांगण में प्रस्तावित किसान भवन परिसर में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से कृषि व्यवसाय से संबंधित गतिविधियों के लिए राजधानी आने वाले किसानों के ठहरने के लिए 225 कमरों का एक पांच मंजिला आवासीय भवन बनाया जाएगा, जिसमें 20 एयर कंडिशन सुईट के साथ-साथ दो सौ एयर कूल्ड कमरों और चार डारमेट्री की व्यवस्था रहेगी। प्रदेश के किसानों के जैविक उत्पादों - फल, सब्जी, मसाला तथा अनाज फसलों के लिए बाजार की सुविधा मुहैय्या कराने के लिए यहां साढ़े तीन एकड़ क्षेत्र में एक सर्वसुविधायुक्त जैविक उत्पाद हाट का निर्माण किया जाएगा। यहां जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि सूचना केन्द्र सह प्रदर्शनी भवन की भी सुविधा उपलब्ध होगी। कृषि में प्रयुक्त आदानों (खाद, बीज, मिट्टी, कीटनाशक आदि ), कृषि उत्पादों, डेयरी उत्पादों और अन्य संबंधित सामग्रियों की गुणवत्ता की जांच के लिए पौने चार एकड़ क्षेत्रफल में प्रयोशाला परिसर बनाया जाएगा। कृषि से संबंधित सेवाओं - बैंकिग, कृषक बीमा संस्थाओं, कृषि आदान निर्माता और कृषि से संबंधित शासकीय, अर्द्वशासकीय और निजी संस्थाओं के लिए लगभग साढ़े दस एकड़ क्षेत्र में कार्यालय सह व्यवसायिक केन्द्र का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही कृषि से संबंधित व्यावसायिक गतिविधियाें के लिए लगभग साढ़े सात एकड़ रकबे में किसान मॉल भी बनाया जाएगा।
इस परिसर में आंगतुकों के वाहनों की उचित पार्किंग की व्यवस्था के लिए बहुमंजिला कार पार्किंग का भी निर्माण किया जाएगा। परिसर में एक सर्वसुविधायुक्त कैफेटेरिया और फूड जोन की भी सुविधा उपलब्ध होगी। यहां एक विद्युत सब स्टेशन सहित भूमिगत विद्युत व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, जल निकास व्यवस्था और सार्वजनिक प्रसाधन की सुविधा भी रहेगी। परिसर का मुख्य मार्ग लगभग 80 फुट तथा अन्य मार्ग 12 फुट चौडाई के होंगे। योजना के प्रथम चरण (2011 - 2014) में किसान भवन, आडिटोरियम, कान्फ्रेंस हॉल, मुख्य सड़क और उद्यान का निर्माण किया जाएगा, जिस पर लगभग साढ़े ग्यारह करोड़ रूपए की लागत आएगी। इसमें से दस करोड़ रूपए मंड़ी बोर्ड और शेष डेढ़ करोड़ रूपए राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना के दूसरे चरण में (2012-2016) में जैविक उत्पाद हाट प्रयोगशाला परिसर, किसान मॉल और शेष सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इस पर लगभग 24 करोड़ रूपए की लागत आएगी। योजना के अंतिम चरण (2015-2018) में आफिस सह व्यावसायिक केन्द्र, बहुमंजिला कार पार्किंग और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा, जिस पर 18.37 करोड़ रूपए की लागत अनुमानित है।

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