काव्य

ढाई आखर कबीर के समन्‍वय का सामयिक मंत्र

रायपुर, 17 जून 2008 संत कबीर ने अपनी निर्भीक वाणी और विचारों से संसार को एक नई दिशा प्रदान की है। उनके काव्य एवं संदेशों में जनसमुदाय एवं समाज में फैली विषमता, विभेद और अंतर को बहा ले जाने तथा समानता स्थापित करने की वृहद ताकत मौजूद है। कबीर के संदेश में आज भी सामाजिक विषमता दूर करने की ताकत है।