कबीर

युगों युगों में संचार के सम्राट संत कबीर

कबीर के संचार पर गरिमामय आयोजन, संत कबीर दुनिया के सबसे बड़े संचारक : प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी, संत कबीर सामाजिक समरसता के प्रबल पक्षधर थे: डॉ. रमन सिंह
‘कबीर साहित्य में समरसता और संचार’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन

देश के विकास के लिए सामाजिक समरसता जरूरी

रायपुर, 18 जून 2008 - राष्ट्रीय एकता और देश के विकास के लिए सामाजिक समरसता बहुत जरूरी है। समाज के सभी वर्गों की एकता से ही जनता की सामाजिक, आर्थिक बेहतरी के साथ राज्य तथा देश की तरक्की हो सकती है। पिछड़े वर्ग से संबंधित सभी समाजों का उत्थान और उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोड़ना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज कबीरधाम जिले के मुख्यालय कवर्धा में सर्व पिछड़ा वर्ग महासम्मेलन को सम्बोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। महा सम्मेलन का आयोजन कबीर जयंती और झांसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।

ढाई आखर कबीर के समन्‍वय का सामयिक मंत्र

रायपुर, 17 जून 2008 संत कबीर ने अपनी निर्भीक वाणी और विचारों से संसार को एक नई दिशा प्रदान की है। उनके काव्य एवं संदेशों में जनसमुदाय एवं समाज में फैली विषमता, विभेद और अंतर को बहा ले जाने तथा समानता स्थापित करने की वृहद ताकत मौजूद है। कबीर के संदेश में आज भी सामाजिक विषमता दूर करने की ताकत है।