ऑन-लाईन मिट्टी तेल वितरण व्यवस्था

छत्‍तीसगढ़ रायपुर, 30 जून 2009 छत्‍तीसगढ़ राज्य में मिट्टी तेल वितरण व्यवस्था में और भी ज्यादा कसावट लाने के लिए सम्पूर्ण प्रक्रिया का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है। छत्‍तीसगढ़ तेल कम्पनियों के डिपो से थोक डीलर द्वारा मिट्टी तेल के उठाव से लेकर उचित मूल्य दुकानों को मिट्टी तेल प्रदाय की जानकारी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की वेबसाईट में ऑन-लाईन उपलब्ध रहेगी। यह जानकारी छत्‍तीसगढ़ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में यहां मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव श्री विवेक ढांड ने दी।

बैठक में श्री ढांड ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 15 हजार 735 किलोलीटर मिट्टी तेल का आवंटन प्रति माह प्राप्त हो रहा है। इसमें से प्रतिमाह 15 हजार 180 किलो लीटर मिट्टी तेल उचित मूल्य की राशन दुकानों एवं मिट्टी तेल हाकर्स के माध्यम से तथा 555 किलो लीटर मिट्टी तेल ऊजियारा योजना के तहत हाट बाजारों में वितरण किया जा रहा है। एल.पी.जी. कनेक्शन धारकों को छोड़कर सभी राशन कार्डधारकों को 10 रूपए प्रति लीटर प्रति राशन कार्डधारकों को अधिकतम 3.85 लीटर मिट्टी तेल दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मिट्टी तेल वितरण व्यवस्था के कम्प्यूटरीकरण हेतु विभाग द्वारा साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। इसमें ए.पी.एल. राशन कार्डों एवं प्रत्येक उचित मूल्य दुकानों से संलग्न एल.पी.जी. उपभोक्ताओं की जानकारी जिला स्तर पर दर्ज की जाएगी। बैठक में उन्होंने बताया कि वर्ष 2008-09 में 99 प्रतिशत मिट्टी तेल का उठाव किया गया। विगत पांच वर्षों में बस्तर, सरगुजा एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण से प्राप्त राशि से एक हजार 601 टंकियों का क्रय किया गया। जिनसे 4 हजार 16 किलो लीटर मिट्टी तेल का भंडारण क्षमता में अधिक हुई।

उन्होंने बताया कि अब राज्य की मिट्टी तेल मंडारण क्षमता बढ़कर लगभग 7 हजार किलो लीटर हो गया है। श्री ढांड ने बताया कि उचित मूल्य दुकानों को मिट्टी तेल प्रदाय की जानकारी प्राप्त करने हेतु मोबाईल नम्बर का पंजीयन कराने वाले नागरिकों को इसकी जानकारी तत्काल एस.एम.एस. के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि मिट्टी तेल वितरण व्यवस्था की कम्प्यूटरीकरण से मिट्टी तेल वितरण में अधिक पारदर्शिता आएगी और इस प्रणाली से मिट्टी तेल के दुरूपयोग को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।

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