एच.आई.व्ही. एड्स की जानकारी ही बचाव है

रायपुर, 01 दिसम्बर 2008 विश्व एड्स दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ राज्य एड्स नियंत्रण समिति एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में आज सेवेरे 11 बजे रविशंकर विश्वविद्यालय परिसर से राष्ट्रीय सेवा योजना के पांच सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने विशाल जागरूकता रैली निकाली गई। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्‍वविद्यालय के कुलपति डॉ. लक्ष्मण चतुर्वेदी ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर छत्तीगसढ राज्य एड्स नियंत्रण समिति के वरिष्ठ अधिकारी तथा रविशंकर शुक्ल विश्‍वविद्यालय के कुलसचिव सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। छत्तीसगढ राज्य एडस नियंत्रण समिति के सभी अधिकारी, कर्मचारी ने भी रैली में हिस्सा लिया। रैली में एन.एस.एस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ सुभाष चंद्राकर, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्‍वविद्यालय के कुलसचिव डॉ इंदु अंनत भी शामिल हुए।

यह रैली रविशंकर शुक्ल विश्‍वविद्यालय से प्रारंभ होकर नवीन सरस्वती कन्या महाविद्यालय, पुरानी बस्ती में समापन हुआ। इस रैली के उद्देश्‍यों पर प्रकाश डालते हुए राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अधिकारियों ने बताया कि एड्स के प्रति जागरूकता लाना ही इस रैली का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि एच.आई.व्ही यानी हयूमन इम्यूनो डिफिसियेन्सी वायरस शरीर में प्रवेश कर शरीर की रक्षा प्रणाली को नष्ट कर देता है, इससे शरीर की प्रतिरक्षण प्रणाली धीरे-धीरे कमजोर हो जाती है। एड्स के लक्षण नजर आने में आमतौर पर 6 से 8 साल लग जाते है, इस दौरान इंसान बिल्कुल सामान्य नजर आता है और व्यक्ति को पता नही चल पाता कि वह एड्स का शिकार हो चुका है। एच.आई.व्ही, एड्स असुरक्षित यौन संबध से , संक्रमित रक्त के चढ़ाने से , संक्रमित सुई के प्रयोग करने से तथा संक्रमित माता से होने वाले बच्चे को हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि मच्छर के काटने से, एक साथ काम करने या रहने से , एक साथ भोजन करने से , बर्तन , कपडे या शौच का उपयोग करने से, एच.आई.व्ही,एड्स से पीड़ित लोगों की देखभाल करने से तथा एक ही तालाब या नदी में नहाने से एड्स नहीं फैलता।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में एड्स नियंत्रण समिति द्वारा एड्स की रोकथाम के लिए लगातार जनजागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है सभी जिलो में एच.आई.व्ही के मरीजो की जॉच व परामर्ष केन्द्र की स्थापना की गई है। वर्तमान में 32 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों सहित 52 आई.सी.टी.सी, समैकित जॉच व परामर्ष केन्द्र स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही 48 नये केन्द्रों की स्थापना की कार्यवाही की जा रही है। मेडिकल कालेज रायपुर के बायोकैमेस्ट्री विभाग में सी.डी.4 मषीन के माध्यम से एच.आई.व्ही की जॉच कराई जा रही है। डॉ भीम राव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के मेडिसीन विभाग में ए.आर.टी. केन्द्र की स्थापना की गई है जहॉ पर एच.आई.व्ही से पीड़ित व्यक्तियों को नि:शुल्क दवाईयॉ उपलब्ध कराई जा रही है इसके अलावा राज्य के चार लिंक ए.आर.टी. केन्द्र संचालित किये जा रहे है इन केन्द्रों में मरीजो को दवाईयॉ व जानकारी उपलब्ध नि:शुल्क कराई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रो में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगो में इस रोग के बचाव व फैलने की जानकारी दी जा रही है। सर्वाधिक प्रचार प्रसार ट्रक वर्करो और ट्रॉसपोर्ट नगर जैसे क्षेत्रो में किया जा रहा है। आज एड्स दिवस के अवसर पर इस दौरान विभिन्न प्रकार की गतिविधियॉ जिले में की गई जिसमें प्रदर्शनी , नुक्कड़ नाटक , निबंध प्रतियोगिता तथा स्कूली छात्र छात्राओं की रैली सहित वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन एड्स से बचाव व रोकथाम के विषय पर था।

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