अवैध शराब मामले में थाना प्रभारी पर निलंबन की कार्रवाई

लोक सुराज के तूफानी दौरे में मुख्यमंत्री के तीखे तेवर : लोक निर्माण विभाग के एस.डी.ओ. और महिला एवं बाल विकास विभाग की सेक्टर सुपरवाईजर निलंबित

अवैध शराब मामले में थाना प्रभारी पर भी हुई निलंबन की कार्रवाई

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आई.सी.डी.एस. प्रोजेक्ट ऑफिसर और
जिला कार्यक्रम अधिकारी को कारण बताओ नोटिस

    रायपुर, 12 अप्रैल 2017 - तेज गर्मी के इस मौसम में सूरज की झुलसा देने वाली गर्म हवाओं के बीच मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह राज्य के विभिन्न जिलों का तूफानी दौरा कर रहे हैं और छापामार शैली में कई गांवों में अचानक पहुंचकर सरकारी योजनाओं की जमीनी समीक्षा भी उनके द्वारा की जा रही है। इस दौरान योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायतों पर मुख्यमंत्री के तीखे तेवर भी देखे जा रहे हैं। उन्होंने आज बारह अप्रैल को सरायपाली क्षेत्र के ग्राम जम्हारी में सड़क निर्माण और मरम्मत में लापरवाही की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के एक अनुविभागीय अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। सूरजपुर जिले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग की सेक्टर प्रभारी को निलंबित किया गया है और अवैध शराब के मामले में थाना प्रभारी पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश व्यापी लोक सुराज अभियान के तहत आदिवासी बहुल सूरजपुर जिले में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के सघन दौरे के बाद वहां भी प्रशासनिक काम-काज में काफी कसावट देखी जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर पांच दिनों के भीतर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में कलेक्टर सूरजपुर ने मुख्यमंत्री सचिवालय को विस्तृत रिपोर्ट भेजी है। डॉ. रमन सिंह सरगुजा राजस्व संभाग के इस जिले के सीमावर्ती ओड़गी विकासखण्ड के ग्राम चांदनी-बिहारपुर में लगभग पांच दिन पहले सात अप्रैल को समाधान शिविर में शामिल हुए थे। उन्होंने वहां आयोजित आम सभा में जनता से मिली कई शिकायतों पर अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया था कि स्थानीय आंगनबाड़ी केन्द्र में गर्भवती महिलाओं और बच्चों को दिए जाने वाले पूरक पोषण आहार (रेडी-टू-इट) का वितरण नियमित रूप से नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री ने इस शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया था। उनके निर्देश पर जिला कलेक्टर ने वहां के तीन महिला स्व-सहायता समूह-बिहारपुर स्थित चांदनी स्व-सहायता समूह नवगई के महिला स्व-सहायता समूह और मां कुदरगढ़ी स्व-सहायता समूह ग्राम टमकी को तत्काल प्रभाव से बदल दिया है । तीनों समूहों के स्थान पर तीन अन्य महिला स्व-सहायता समूहों को यह दायित्व सौंप गया है। इनमें लक्ष्मी स्व-सहायता समूह ग्राम बस नारा, जय भीम स्व-सहायता समूह और भवानी स्व-सहायता समूह ग्राम धूर शामिल हैं।
पोषण आहार वितरण में अनियमितता की शिकायत पर जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुरूप सम्पूर्ण मामले की जांच की गई और प्रथम दृष्टि में दोषी मिली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती अंजू जायसवाल को सेवा से अलग करने नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी सेवाओं की देखभाल के लिए कार्यरत सेक्टर सुपरवाईजर श्रीमती कौशल्या टेकाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, वहीं एकीकृत बाल विकास परियोजना (आई.सी.डी.एस.) के प्रोजेक्ट अधिकारी श्री महेश मरकाम और सूरजपुर की जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती प्रियंका ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वर्तमान में ओड़गी विकासखण्ड में संचालित सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार (रेडी-टू-इट) का वितरण नियमित रूप से किया जा रहा है।
आम सभा में मुख्यमंत्री को ग्रामीणों ने बताया था कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बिहारपुर में एक पूर्णकालिक डॉक्टर की आवश्यकता है, जिस पर उन्होंने जिला प्रशासन को तत्काल डॉक्टर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर सूरजपुर की रिपोर्ट के अनुसार वहां एम.बी.बी.एस. डॉक्टर प्रमोद राठौर को ड्यूटी करने के लिए आदेश जारी कर दिया गया है। जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मचारियों की नियुक्ति अंतिम चरण में हैं। क्षेत्र के उप स्वास्थ्य केन्द्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक सप्ताह के भीतर उनकी पदस्थापना कर दी जाएगी।
 मुख्यमंत्री को बिहारपुर में आयोजित सभा में इलाके में अवैध शराब का कारोबार जारी रहने की भी शिकायत मिली थी, जिस पर डॉ. सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया था और पुलिस अधीक्षक को बिहारपुर के थाना प्रभारी श्री दधीबल प्रसाद साहू के विरूद्ध निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही बिहारपुर क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार में लिप्त लोगों की धरपकड़ के लिए पुलिस और आबकारी अधिकारियों द्वारा छापामार अभियान भी चलाया जा रहा है। ग्राम पासल निवासी संतोष गुर्जर नामक एक व्यक्ति के यहां छापामार कर पुलिस द्वारा 12.37 लीटर अवैध देशी और अंग्रेजी शराब जब्त की गई, कुछ मात्रा में गांजा भी जब्त किया गया। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आबकारी अधिनियम और एनडीपीएस के प्रावधानों के तहत थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आयोजित समाधान शिविर में नोडल अधिकारी ग्रामीणों के आवेदनों का समाधान कारक उत्तर नहीं देने के कारण नोडल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। शिविर में प्रथम दृष्टि में दोषी पाए गए ओड़गी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को वहां से हटाकर जिला पंचायत कार्यालय सूरजपुर में संलग्न किया गया है और उनके स्थान पर डिप्टी कलेक्टर श्री रवि सिंह को सूरजपुर जनपद पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। इस बीच सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री टी.सी. महावर ने सूरजपुर जिले में आयोजित समाधान शिविरों के नोडल अधिकारियों और विभागीय अधिकारियों की कार्यशाला का आयोजन किया। उन्होंने कार्यशाला में अधिकारियों को शिविरों के सुचारू संचालन के बारे में जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

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