वेब मीडिया और हिन्दी साहित्य परिषद द्वारा टिकरापारा रायपुर में होली एवं महिला दिवस पर कवि सम्मेलन समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें महंगाई और मिलावट के साथ कृष्ण को होली के लिए मंजुला श्रीवास्तव ने आमंत्रण किया, छत्तीसगढ़ सरकार को 2 रूपया किलो चावल और दारू की दुकान के लिए आशा श्रीवास्तव ने होली और महिला दिवस की बधाई दी। वहीं गीतकार श्यामसुंदर त्रिपाठी ने भजन सरिता के द्वारा देश की वर्तमान रामायण का मतला दिया। अरूणा चौहान और जयप्रकाश त्रिपाठी श्रृंगार के साथ गुलालमय होली और महंगाई के साथ होली चित्रण किया।
श्री सना अहमद ने वन्दे मातरम गीत को उर्दु में गाकर उन मुस्लिम मजहबी लोगों को गीत की संस्कृति से परिचीत करवाया जो कि महिला दिवस का सांकेतिक गीत है की महिलाएं अमन और चैन के लिए भाषाओं के चक्रव्यूह को तोड़कर भी भारत की सांस्कृतिक एकता में अपना अमूल्य सहयोग दे सकती हैं। यह भी एक होली का सुंदर रंग है।
राजिम कुंभ अपनी पूरी गरिमा के साथ 30 जनवरी 2010 को छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक के मुख्य आतिथ्य में, छत्तीसगढ़ संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में तथा द्वारा महामंडलेश्वर स्वामी निश्चलानंद के आतिथ्य में गौरव पूर्ण गोधूली बेला में प्रारंभ हुआ। राजिम कुंभ के उद्धघाटन के अवसर पर कृषि मंत्री छत्तीसगढ़ चंद्रशेखर साहू, राजिम सांसद श्री अमितेश शुक्ल एवं श्री चंदूलाल साहू विशेष आतिथ्य के रूप उपस्थित थे।
स्वामी जी के वचनों तथा ओजपूर्ण अभिभाषण से छत्तीसगढ़ प्रयाग राजिम में आस्था की बयार बह निकली जो कि लगातार महाशिवरात्रि तक संतों की वाणी भजनों एवं भागवत के साथ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छटा बिखेरते हुए अपनी धरोहरों के आस्था पुंज पर छत्तीसगढ़ प्रयागराज राजिम अपनी प्राकृतिक मनोहारी छटा के साथ भिने भिने ठंडे मौसम के साथ हरिद्वार के सानिध्य सा चलता हुआ प्रतीत होता है।
आने वाले 14 दिनों में छत्तीसगढ़ प्रयागराज आस्था और रिशीमुनीयों की वाणी से गुंजीत होता रहेगा। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है जिसमें बहुत से रिशीमुनीयों ने पहुँच कर इस धरा को आशीर्वाद प्रदान किया है।
हास्य कवि डॉ. सुरेन्द्र दुबे को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा पद्मश्री पुरस्कार मिला। हास्य कवि डॉ. सुरेन्द्र दुबे पेशे से आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं। हालही में डॉ. सुरेन्द्र दुबे छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के सचिव हैं।
अंतर्राष्ट्रीय कवि डॉ. सुरेन्द्र दुबे अपनी कविताओं का काव्य पाठ 5000 से ज्यादा काव्य मंच, कार्यक्रम, कवि सम्मेलन, हास्य कवि सम्मेलन में कर चुके हैं। डॉ. सुरेन्द्र दुबे भारत के प्रसिद्ध हास्य कवि हैं। हास्य कवि डॉ. सुरेन्द्र दुबे लगभग 30 अमेरिकन शहर में 50 बार अपनी कविताओं का काव्य पाठ कर चुके हैं।
पद्मश्री डॉ. सुरेदन्द्र दुबे दिल्ली के लाल किले में 6 बार गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में काव्य पाठ कर चुके हैं। पद्मश्री डॉ. सुरेदन्द्र दुबे अमेरिका के राष्ट्रपति श्री बराक ओबामा को समर्पित एक कविता लिखी है। इस समर्पित कविता के लिए उन्हें भारत कान्सलावास न्यूयार्क के सम्मानित किया गया है। पद्मश्री डॉ. सुरेदन्द्र दुबे को लिडिंग पोयेट ऑफ इंडिया का अवार्ड ओहियो के गर्वनर द्वारा प्रदान किया गया।
आदिवासी लोक नृत्य के लिए वीरनारायण सिंह पुरस्कार
प्रविष्टियां 30 नवम्बर तक आमंत्रित
रायपुर, 27 नवम्बर 2009 - छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति आदिवासी लोककला महोत्सव पुरस्कार के लिए निर्धारित प्रारूप में प्रविष्टियां आमंत्रित की गयी है। इच्छुक आदिवासी लोककला नर्तक दल आगामी 30 नवम्बर को शाम पांच बजे तक अपने जिला मुख्यालय में सहायक आयुक्त आदिवसी विकास कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं।
इस पुरस्कार योजना में प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार पचास हजार रूपए एवं तृतीय पुरस्कार पच्चीस हजार रूपए की सम्मान राशि का प्रावधान है। read more »
मुख्यमंत्री ने आचार्य स्वतंत्र देव जी से आशीर्वाद ग्रहण किया
विश्व शांति वैदिक महायज्ञ में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रायपुर, 02 नवम्बर 2009 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल देर रात यहां सप्रे शाला मैदान में आयोजित दो दिवसीय 1008 कुण्डीय विश्व शांति वैदिक महायज्ञ एवं विहंगम योग समारोह में आचार्य श्री स्वतंत्र देव जी से प्रदेश की सुख, शांति और समृध्दि का आशीर्वाद मांगा। मुख्यमंत्री राज्योत्सव के उद्धाटन के समारोह में शामिल होने के बाद सीधे सप्रे शाला मैदान पहुंचे।
संत विज्ञान देव और संत नामदेव जी, छत्तीसगढ़ विधान सभा के अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक, महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री लता उसेंडी और जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज भी इस अवसर पर उपस्थित थे। read more »
श्री गुरूनानक जी देव के सत्य, प्रेम एवं भाईचारे का सिध्दांत आज भी प्रांसगिक - श्री नरसिम्हन
प्रकाश पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री
रायपुर, 02 नवम्बर 2009 - श्री गुरूनानक जी के जन्म दिवस प्रकाश पर्व के अवसर पर आज गुरू सिंग सभा रायपुर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल श्री ई.एस.एल. नरसिम्हन, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं विधानसभा अध्यक्ष श्री धरम कौशिक शामिल हुए। राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष ने गुरू ग्रंथ साहब पर मत्था टेका और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर राज्यपाल श्री नरसिम्हन ने कहा कि आज से 541 वर्ष पूर्व श्री गुरूनानक जी देव के रूप में धरती पर एक ऐसा सितरा उतरा था जिनके सत्य, प्रेम, सद्भावना, भाईचारे के सिध्दान्त एवं संदेश आज भी मानव समाज के लिए उतने ही अधिक मार्गदर्शक हैं जितने गुरूनानक जी के दौर के समय थे। read more »
दीपावली पर राज्यपाल की शुभकामनाएं
रायपुर, 16 अक्टूबर 2009 - राज्यपाल श्री ई.एस.एल. नरसिम्हन ने प्रकाश पर्व दीपावली पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि दीपावली के दीयों की रौशनी से नई आशाओं का संचार होगा और लोगों का जीवन सुख, शांति एवं समृध्दि से परिपूर्ण होगा।
अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा कि दीपावली का त्यौहार मनुष्य के जीवन में दुख के अंधकार को समाप्त कर आशा एवं उम्मीदरूपी प्रकाश से प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने इस पर्व पर प्रदेशवासियों की खुशहाली एवं सुख-समृध्दि की कामना की है।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह महंत घासीदास संग्रहालय के मुक्ताकाश मंच पर हिन्दू नव वर्ष महोत्सव समिति द्वारा आयोजित शरदोत्सव 2009 में शामिल हुए।
संसदीय सचिव श्री महेश गागड़ा, विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, सर्वश्री रामदत्त चक्रधर, रामप्रताप सिंह, धर्मेन्द्र प्रधान, छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष श्री सलीम अशरफी, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज और श्री सच्चिदानंद उपासने शरदोत्सव में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
शरदोत्सव में कल्याण वनवासी आश्रम की छात्राओं द्वारा छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य और शक्ति छत्तीसगढ़ी विप्र महिला समाज द्वारा राउत नाच सहित विभिन्न महिला मंडलों द्वारा अनेक आकर्षक प्रस्तुतियां दी गयी।

रायपुर, 03 अक्टूबर 2009 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल रात यहां अपने निवास पर आयोजित क्षत्रिय-राजपूत समाज के दशहरा मिलन समारोह को संबोधित करते हुए समाज में बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और सामूहिक विवाह को प्रोत्साहित करने की जरुरत पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी समाज बिना अच्छी शिक्षा के आगे नहीं बढ़ सकता। बेटों के साथ-साथ बेटियों को भी अच्छी से अच्छी शिक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शादी ब्याह के मौके पर फिजूल खर्ची रोकने में सामूहिक विवाह जैसे आयोजन काफी उपयोगी साबित होते हैं।
क्षत्रिय-राजपूत समाज को भी ऐसे आयोजनों को अधिक से अधिक बढ़ावा देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने समाज के लोगों से समाज की कमियों को दूर कर संगठन को और भी अधिक मजबूत बनने की जरुरत बतायी।
समारोह में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह, सर्वश्री रामप्रताप सिंह, अजय सिंह, एन.एस.भदौरिया, ठाकुर विजय सिंह, महावीर सिंह राठौर, वाई.के.एस.ठाकुर, और श्रीमती सावित्री सिंह सहित समाज के अनेक पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से समारोह में शामिल होने आये समाज के लोगों का स्वागत करते हुए उन्हें दशहरा की शुभकामनाएं दी। read more »
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