पशुओं को लगाए गए 1.32 करोड़ टीके
मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए जारी रहेगा टीकाकरण अभियान
पशुपालन मंत्री ने दिए अधिकारियों को निर्देश
रायपुर, 17 जुलाई 2009 - पशुपालन विभाग ने छत्तीसगढ़ में पिछले वित्तीय वर्ष 2008-09 में विभिन्न प्रजातियों के घरेलू पशुओं को एक करोड़ 32 लाख टीके लगा कर उन्हें एन्थ्रेक्स, घटसर्प, खुरहा चपका, रैबीज, स्वाईन फीवर आदि जानलेवा बीमारियों से सुरक्षा प्रदान की है। राज्य में पशुओं की स्वास्थ्य रक्षा के लिए प्रदेश सरकार द्वारा संचालित पशु चिकित्सालयों और पशु औषधालयों सहित विभाग की अन्य इकाईयों द्वारा इन पशुओं को टीके लगाए गए हैं। इनमें से बड़ी संख्या में पशुओं का टीकाकरण बहुउद्देशीय पशु चिकित्सा शिविरों में किया गया है। उल्लेखनीय है कि पशुपालन विभाग की संस्थाओं द्वारा पशुओं को पशु उपचार, टीकाकरण, औषधी वितरण, बधियाकरण आदि के जरिए बीमारियों और रोगों से बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। read more »
छत्तीसगढ़ पशुओं से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए ली जाएगी राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान की मदद
कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने किया संस्थान के संयुक्त निदेशक से विचार-विमर्श
छत्तीसगढ़ रायपुर, 10 जुलाई 2009 - बर्ड फ्लू, स्वाईन फ्लू सहित रेबीज और एनथ्रेक्स जैसी पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम और उनके विश्लेषण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार नई दिल्ली के राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान से मदद लेने की तैयारी कर रही है।
इस विषय में ठोस कार्य योजना बनाने के लिए आज यहां रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ मंत्रालय में कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. राणा के साथ प्रदेश के पशुपालन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तथा चिकित्सकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पशुओं से मनुष्यों में एवं मनुष्यों से पशुओं में संचारित होने वाली बीमारियों के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतिकरण भी दिया गया। read more »
पांच जिलों में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगी योजना
डाटा बेस के लिए साफ्टवेयर निर्माण की सैध्दांतिक सहमति
रायपुर, 09 जुलाई 2009 - छत्तीसगढ़ में सभी दूध उत्पादक पशुओं का डाटा बेस तैयार किया जाएगा। महाराष्ट्र पैटर्न पर बनने वाले इस डाटा बेस में पशुओं से संबंधित सभी विशेषताओं और जानकारियों को समाहित किया जाएगा। साथ ही पशुपालकों को पशुओं से संबंधित समस्त जानकारियां मोबाईल फोन पर एस.एम.एस. के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। शुरूआत में पशुओं का डाटा बेस तैयार करने के लिए छत्तीसगढ़ के पांच जिलों में धमतरी, महासमुंद, रायगढ़, रायपुर और राजनांदगांव में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में योजना चलाई जाएगी।
अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सरजियस मिंज की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में आयोजित बैठक में इसके लिए एक साफ्टवेयर प्रणाली विकसित करने पर सैध्दांतिक सहमति दी गई है। बैठक में पशु चिकित्सा महाविद्यालय, मुंबई के अधिष्ठाता डॉक्टर समद द्वारा इस विषय पर नवीनतम जानकारी देने प्रस्तुतिकरण भी दिया गया। कृषि उत्पादन आयुक्त ने बताया कि पशुओं का डाटा बेस तैयार हो जाने से छत्तीसगढ़ में उपलब्ध पशुधन का खेती-किसानी के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों में भी व्यापक रूप से उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। read more »
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