मानसिक एवं शारीरिक विकास में खेलों की अहम भूमिका - श्री नरसिम्हन
राज्यपाल ने किया अनुशासन एवं समय की पाबंदी का पालन करने का आह्वान
55वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता आरंभ

रायपुर, 07 अक्टूबर 2009 - छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री ई.एस.एल. नरसिम्हन आज रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित 55वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह में शामिल हुए। श्री नरसिम्हन ने मुख्य अतिथि की आसंदी से अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थी ही भारत के आज और कल हैं।
हमारी युवा पीढ़ी के मानसिक और शारीरिक विकास में खेल की अहम भूमिका है। खेल हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग है इसलिए इसे विकल्प के रूप में नहीं बल्कि अनिवार्य किया जाना चाहिए। साथ ही खेलों को प्रोत्साहन दिया जाना भी अत्यंत आवश्यक है। खेल के दौरान खिलाड़ी नियमों का पालन करते हुए अनुशासन सीखते हैं और अनुशासन का जीवन में बहुत महत्व है।
उन्होंने बच्चों में बचपन से ही समय की पाबंदी के गुण विकसित करने पर बल दिया। राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं से आजीवन अनुशासन और समय की पाबंदी का पालन करने का आह्वान किया। इस अवसर पर समारोह की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेंडी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अशोक बजाज सम्मिलित थे।
श्री नरसिम्हन ने खिलाड़ियों से कहा कि स्वयं में निहित प्रतिस्पर्धा की भावना को बनाये रखें। इस जज्बे से 'कुछ कर दिखाने' का हौसला पैदा होता है, जिससे देश को आगे बढ़ाने की भावना उत्पन्न होती है।
उन्होंने कहा कि खेलों में हार-जीत को समान भाव से लेना चाहिए, जिससे जीवन में बहुत अधिक दुख या सुख के प्रति सम भावना विकसित होगी। राज्यपाल ने कहा कि एकता में ही शक्ति निहित है, इसलिए हमेशा मिल-जुलकर साथ रहें। उन्होंने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए पूरी ऊर्जा एवं सहभागिता के साथ खेलने के लिए प्रेरित किया। श्री नरसिम्हन ने यह भी कहा कि विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ की झलक अवश्य दिखायें और उन्हें पुरखौती मुक्तांगन जरूर ले जाँए। इस आयोजन के लिए उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण होने के मात्र 9 वर्षों के भीतर यहां राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन होना हमारे लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क होता है और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए खेलना जरूरी है। स्वस्थ मस्तिष्क से ही हम राज्य व देश को विकास की नई ऊॅचाईयों तक ले जाने में सफल होंगे। शिक्षा मंत्री ने सभी खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि आने वाले दिनों में विभिन्न खेलों के क्षेत्र में छत्तीसगढ, देश के अग्रणीय राज्यों में शामिल होगा।
विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह को संबोधित करते हुए खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेंडी ने कहा कि संगठन में ही शक्ति निहित होती है। खेल हमें संगठन और अनुशासन सीखाता है। उन्होंने कहा कि खेल की विभिन्न विधाओं में पारंगत होकर खिलाड़ी अपना भविष्य उज्ज्वल कर सकते हैं और देश तथा प्रदेश का नाम रौशन कर सकते हैं। उन्होंने खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली नेहा बजाज एवं प्रीति बंछोर की उपलब्धियों का विशेष रूप से उल्लेख किया और उन्हें बधाई दी। सुश्री उसेंडी ने देश के विभिन्न राज्यों से आये खिलाड़ियों एवं अधिकारियों का हार्दिक स्वागत किया। जिला पंचायत रायुपर के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय शालेय खेल का आयोजन सौभाग्य की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों से अपेक्षा की कि वे उत्कृष्ट खेलों का प्रदर्शन कर अपने प्रदेश का नाम ऊॅचा करेेंगे। कार्यक्रम के आरंभ में कलेक्टर श्री संजय गर्ग ने स्वागत भाषण दिया।
समारोह में राज्यपाल श्री नरसिम्हन ने मशाल प्रज्ज्वलित कर तथा विधिवत घोषणा कर 55वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंची 18 टीमों ने फिल्ड मार्शल श्री मड़के के नेतृत्व में मार्च पास्ट किया एवं राज्यपाल को सलामी दी। राज्यपाल ने खेल ध्वज फहराया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने हेतु आसमान में रंग बिरंगे गुब्बारे छोड़े। इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में मायाराम सुरजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या विद्यालय चौबे कालोनी की छात्राओं ने छत्तीसगढ़ के सौंदर्य एवं संस्कृति पर आधारित 'छत्तीसगढ़ महतारी' गीत पर नृत्य की प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ी परिधानों से सुसज्जित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिपरौद की छात्राओं ने 'हमर तिरंगा' गीत पर सुआ नृत्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री अमित कटारिया, विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, गणमान्य नागरिक सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि नेटबाल एवं कबड्डी प्रतिस्पध्र्दा में भाग लेने देश के विभिन्न राज्यों से पहुंची 18 टीम में चंडीगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, नवोदय विद्यालय, उड़ीसा, पंजाब, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, तमिलनाडू एवं छत्तीसगढ़ राज्य के प्रतिभागी शामिल हैं।
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