विश्व आदिवासी दिवस 2018

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम परिसर में आदिवासी विकास विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में भित्ती चित्र, बेलमेटल शिल्प की कलाकृतियों, आदिवासी गोदना आर्ट, आदिवासी विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी वित्त एवं विकास निगम और जनसम्पर्क विभाग द्वारा स्टाल लगाए गए थे।

विश्व आदिवासी समारोह में शामिल होने आए प्रदेश के विभिन्न जिलों के लोगों ने प्रदर्शनी के स्टालों का अवलोकन किया और कलाकृतियों को सराहा। सरगुजा की श्रीमती सुन्दरी बाई की रजवार भित्ती चित्रकला, आदिवासी गोदना आर्ट से सजे वस्त्र और बेलमेटल की कलाकृतियां लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहीं। अबूझमाड क्षेत्र के नारायणपुर जिले से आयी माडिया जनजाति की महिलाओं ने अपने स्टाल पर फूलझाडू प्रदर्शित की थी। मुख्यमंत्री ने उनकी कला की सराहना की। ग्राम कुमियाबेड़ा गांव के माड़िया महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि वे लोग बांस की कलाकृतियां भी बनाती हैं।

सरगुजा की सुप्रसिद्ध भित्ती चित्र कलाकार श्रीमती सुन्दरी बाई अपने स्टाल पर अपने सहयोगियों के साथ भित्ती चित्र बना रही थीं। मुख्यमंत्री के स्टाल पर पहुंचने पर उन्होंने डॉ. सिंह का स्वागत किया। सरगुजा जिले के ग्राम सरकोतंगा (विकासखण्ड-लखनपुर) निवासी श्रीमती सुन्दरी बाई ने बताया कि कलाकार के रूप में प्रतिमाह पांच हजार रूपए की पेंशन मिल रही है। उन्होंने भारत भवन, मानव संग्रहालय, राजधानी के महंत घासीदास संग्रहालय में भी भित्ती चित्र बनाए हैं। इंग्लैण्ड, पेरिस और फ्रांस में भी उन्होंने कला का प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं दी।

सरगुजा के जमगला गांव के नारी शक्ति महिला स्व-सहायता समूह ने आदिवासी गोदना आर्ट का स्टाल लगाया था। स्टाल में गोदना आर्ट से सजी सूती और कोसे की साड़ियां और वस्त्र प्रदर्शित किए गए थे। स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती रामकेली पावले ने बताया कि गोदना आर्ट के लिए हर्रा, बहेरा, परसाफूल, धवई फूल, खैरखरपाली, सेमीपत्ता आदि से रंग तैयार करते हैं। उन्होंने बताया कि समूह को सालभर में लगभग 50 हजार रूपए की आय होती है।

रायगढ़ जिले के एकताल गांव के बेलमेटल शिल्पी श्री संजय सिदार ने बेलमेटल कलाकृतियों का स्टाल लगाया था। इसी स्टाल पर छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यवसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा सेनेटरी नेपकिन निर्माण प्रशिक्षण सह उत्पादन में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। नेपकिन निर्माण की यूनिट व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र नारायणपुर, कोण्डागांव, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, रायपुर और रतनपुर में प्रस्तावित है।

जनसम्पर्क विभाग के स्टाल में राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के जगदलपुर-दंतेवाड़ा प्रवास, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के बीजापुर जिले के जांगला प्रवास के चित्रों सहित राजधानी रायपुर के लक्ष्मण झूला, आर्च ब्रिज, राजधानी का पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम नया रायपुर सेक्टर-9 स्थित संवाद के नये कार्यालय भवन तथा विभिन्न विकास योजनाओं को प्रदर्शित करते चित्र लगाए गए हैं। इस अवसर पर आदिम जाति एवं विकास मंत्री श्री केदार कश्यप, गृह मंत्री श्री रामसेवक पैकरा, वन मंत्री श्री महेश गागड़ा, आदिम जाति विकास विभाग की विशेष सचिव सह आयुक्त श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले और संचालक श्री जी.आर. चुरेन्द्र भी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Categories