पीएफएमएस संपर्क पोर्टल शुभारंभ

केन्‍द्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से प्रौद्योगिकी पहल के रूप में बोलीदाता सूचना प्रबंधन प्रणाली और भूमि राशि तथा पीएफएमएस संपर्क पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल का उद्देश्‍य निर्माण पूर्व गतिविधियों से संबंधित बोली प्रक्रिया और भूमि अधिग्रहण के कार्यों में तेजी लाना है। श्री गडकरी ने इस अवसर पर राष्‍ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए इस साल से वार्षिक पुरस्‍कार दिए जाने की भी घोषणा की।

बीआईएमएस का उद्देश्‍य राष्‍ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़ी अनुबंध प्रक्रियाओं को बोलीदाताओं के लिए ज्‍यादा पारदर्शी और व्‍यवस्थित बनाना है। पोर्टल के जरिए बोलीदाताओं से जुड़ी सभी जानकारी मिल सकेगी। बोलीदाताओं को यह सुनिश्चित करनाहोगा कि‍ वह पोर्टल में अपने कार्यानुभव, वार्षिक कारोबार की वित्‍तीय जानकारी आदि से संबंधित सभी जानकारी सही तरीके से दें क्‍योंकि इन जानकारियों के आधार पर ही उन्‍हें परियोजनाओं से जुड़े काम दिए जाएंगे।

भूमि राशि पोर्टल सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा राष्‍ट्रीय सूचना केंद्र द्वारा मिलकर तैयार किया गया है। इस पोर्टल में देश के सभी 6.4 लाख गांवों की भूमि का राजस्‍व आंकड़ा दिया गया है। इससे भूमि परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आसान हो सकेगी।

भूमि राशि पोर्टल के साथ लोक वित्‍त प्रबंधन प्रणाली – (पीएफएमएस) को जोड़े जाने से भूमि अधिग्रहण के दौरान अदा की जाने वाली मुआवजा राशि का भुगतान लाभार्थियों को आसानी से सीधे किया जा सकेगा।

श्री गडकरी पोर्टल शुभारंभ करने के अवसर पर उम्‍मीद जताई कि उनकेमंत्रालय की ओर से की गई इस प्रौद्योगिकी पहल से राजमार्ग परियोजनाओं के लिए दिए जाने वाले ठेकों और उनके निर्माण कार्यों में तेजी आएगी। उन्‍होंने कहा कि भूमि राशि पोर्टल के जरिए इस वर्ष अब तक भूमि अधिग्रहण की 900 अधि‍सूचनाएं जारी की जा चुकी हैं, जबकि बीते वर्ष पूरे साल में 1000 अधिसूचनाएं ही जारी की जा सकी थी।

श्री गडकरी ने राष्‍ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में उत्‍कृष्‍टता के लिए इस साल से राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार दिए जाने की भी घोषणा की। ये पुरस्‍कार उन ठेकेदारों को दिए जाएंगे जिनका प्रदर्शन परियोजना कार्यों में उत्‍कृट होगा। पुरस्‍कारों के लिए चयन की प्रक्रिया सख्‍त रखी गई है। कई दौर के आकलन के बाद ही पुरस्‍कार के लिए किसी का चयन किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने पोर्टल का डिजाइन और विकास करने के लिए एनआईसी, परिवहन मंत्रालय तथा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कार्यालय के अधिकारियों का आभार जताया।

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