स्मॉल बिजनेस योजना : स्वरोजगार के सपने को साकार

अंत्यावसायी विकास निगम द्वारा संचालित केन्द्र व राज्य सरकार की स्मॉल बिजनेस योजना जिले के कालकापारा डोंगरगढ़ निवासी सतीश इन्दुरकर के स्वरोजगार के सपने को साकार कर उनके आर्थिक सफलता का आधार बन गया है।

कभी शिक्षा ग्रहण करने के बाद रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटकने वाले सतीश आज अंत्यावसायी  विकास निगम के स्मॉल बिजनेस योजना के सहयोग से फोटो कापी एवं आनलाईन वर्क के व्यवसाय को अपनाकर मालिक बनकर आज सफल बनकर आज सफल व्यवसाय कर रहा है।

अंत्यावसायी  विकास निगम का स्मॉल बिजनेस योजना आज सतीश इन्दुलकर एवं उनके परिवार के लिए खुशहाल जीवन आधार बन गया है। सतीश ने अपने व्यवसाय की सफलता एवं संघर्ष भरा सफर के बारे में बताते हुए कहा कि वे अपने घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के वजह से वे कक्षा 12वीं की पढ़ाई के बाद आगे की शिक्षा जारी नहीं रख सका।

सतीश बताते है कि कक्षा 12वीं पढ़ाई पूरी करने के बाद शासकीय एवं निजी संस्थानों में नौेकरी की तलाश के लिए कई बार प्रयास किया लेकिन नौकरी प्राप्त करने में उसे सफलता हासिल नहीं हुई है। जिसके कारण वे जीविकोपार्जन की समस्या को लेकर काफी चितिंत रहते थे। एक दिन उसे जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को स्मॉल बिजनेस योजनान्तर्गत व्यवसाय हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करने के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद वे एक दिन जिला कार्यालय राजनांदगांव स्थित अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के कार्यालय में पहुंचकर फोटो कॉपी एवं ऑनलाईन के कार्य के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।

अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति राजनांदगांव द्वारा मेरे आवेदन के परीक्षण उपरांत मुझे पात्रतानुसार फोटोकापी एवं ऑनलाईन कार्य हेु 2 लाख रूपए का ऋण स्वीकृत किया गया। इसके बाद उन्होंने बौद्ध विहार कालकापारा डोंगरगढ़ स्थित अपने निवास में फोटोकापी एवं ऑनलाईन वर्क हेतु दुकान स्थापित किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उसकी दुकान बहुत अच्छे से चल रही है। उसे अपने व्यवसाय से प्रतिदिन लगभग 800 से 1000 रूपए तक की आय हो जाती है। उसके व्यवसाय से होने वाली आमदनी से उसके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हो गई है।

अपने व्यवसाय के सफलता के कारण स्वरोजगार के क्षेत्र में आस-पास के लिए रोल मॉडल बन गया है। सतीश का आज समाज में एक सफल व्यवसायी के रूप में बेहतरीन प्रतिष्ठा है। उनके व्यापार-व्यवसाय में निरंतर वृद्धि हो रही है।

सतीश अंत्यावसायी विकास निगम से लिए ऋण की किश्त की अदायगी भी प्रतिमाह 42 हजार रूपए नियमित रूप से कर रहा है। इस अंत्यावसायी विकास निगम के स्मॉल बिजनेस योजना से सतीश के जीवन में सुधार एवं बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया। इस व्यवसाय के माध्यम से कभी नौकरी करने का सपना देखने वाला सतीश आज मालिक बन गया है। सतीश आज अपने लगन, मेहनत एवं शासन के सहयोग से एक सफल उद्यमी बनकर अपने एवं अपने परिवार समुचित भरण-पोषण कर सुखमय जीवन व्यतीत कर रहा है।

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