विद्युत कम्पनी अनुकम्पा नियुक्ति

अनुकम्पा नियुक्ति मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा विषय : डॉ. रमन सिंह
विद्युत कम्पनी में विकसित हुई एक संवेदनशील कार्य संस्कृति
अब तक एक हजार से अधिक लोगों को मिली अनुकम्पा नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने वितरित किए अनुकम्पा नियुक्ति पत्र
विद्युत कर्मचारियों को सुरक्षा उपायों का गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने की जरूरत पर भी बल दिया मुख्यमंत्री ने

रायपुर, 18 जुलाई 2009 - छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करना मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा एक गंभीर विषय है। यह शासन-प्रशासन की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। हम सबकी संवेदना और सहानुभूति दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों के साथ जुड़ी होनी चाहिए।

अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों को तेजी से हल करना और अब तक एक हजार से अधिक अनुकम्पा नियुक्तियां प्रदान करना छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कम्पनी में विकसित एक सराहनीय और संवेदनशील कार्य संस्कृति का अच्छा उदाहरण है।

राज्य की विद्युत सेवाएं अन्य प्रदेशों की तुलना में काफी बेहतर हैं। वर्तमान में छत्तीसगढ़ अपनी जनता को चौबीसों घंटे बिजली देने वाला इकलौता राज्य है। यह भी छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कम्पनी में विकसित सराहनीय कार्य संस्कृति का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस कार्य संस्कृति को और भी ज्यादा परिणाम मूलक बनाने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने आज सवेरे यहां अपने निवास पर छत्तीसगढ़ विद्युत कम्पनी के 57 दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति देने की घोषणा की और इनमें से प्रतीक स्वरूप दस लोगों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। राज्य शासन के मुख्य सचिव और छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कम्पनी (होल्डिंग कम्पनी) के अध्यक्ष श्री पी.जॉय उम्मेन सहित कम्पनी के सभी प्रबंध निदेशक, वरिष्ठ अधिकारी, विद्युत कर्मचारी और उनके संगठनों के पदाधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम में कहा कि दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को राहत और रोजगार की दृष्टि से अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करना शासन-प्रशासन की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें इस बात की चिंता करनी चाहिए कि वास्तव में किसी भी परिवार में अनुकम्पा नियुक्ति की नौबत न आए, लेकिन हादसों के शिकार दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों के दुख-दर्द में भी हम सबको मानवीय संवेदनाओं के साथ खड़ा होना चाहिए। विद्युत कम्पनी के हमारे कर्मचारियों का काम निश्चित रूप से काफी जोखिम भरा होता है। इसलिए उन्हें सुरक्षात्मक उपायों का बेहतर प्रशिक्षण देकर सभी जरूरी सुरक्षा सामग्री और उपकरणों से सुसज्जित करने की जरूरत है, ताकि जोखिम को कम किया जा सके और उनके सामने किसी गंभीर हादसे की नौबत न आए। उनका प्रशिक्षण राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता का होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कम्पनी द्वारा अब तक एक हजार से अधिक प्रकरणाें में दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हमारी इस सार्वजनिक कम्पनी में विकसित एक संवेदनशील कार्य संस्कृति का अच्छा उदाहरण है। डॉ. सिंह ने अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त लोगों को शुभकामनाएं दी और कहा कि वे आज से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कम्पनी का एक अभिन्न अंग बन गए हैं। उन्हें पूरी मेहनत और लगन से अपने कर्तव्यों का पालन करना है। डॉ. रमन सिंह ने आगे कहा कि राज्य के आखिरी गांव और आखिरी घर तक बिजली पहुंचाने की एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी हम सब पर है। उन्होंने कहा कि 19 हजार 700 गांवों, लगभग 65 हजार बसाहटों और 100 से अधिक शहरों को मिला कर लाखों घरों तक बिजली की रोशनी पहुंचाने का काम हमारे कर्मचारी और अधिकारी बड़ी गंभीरता और तत्परता से कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनके कार्यों को काफी जोखिम भरा बताते हुए अपने उद्बोधन में उनके लिए बेहतर प्रशिक्षण की जरूरत पर विशेष रूप से बल दिया। डॉ. सिंह ने अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त कर्मचारियों के लिए भी प्रशिक्षण की जरूरत बताई।

उन्हाेंने कहा कि लाईन मेन और मैकेनिक जैसे मैदानी कर्मचारियाें को हर प्रकार की सुरक्षा सामग्री नियमित रूप से मिलनी चाहिए। कम्पनी के अध्यक्ष श्री पी.जॉय उम्मेन ने स्वागत भाषण में कहा कि विद्युत मंडल के पुनर्गठन के बाद पांच अलग-अलग कम्पनियां बन जाने के बावजूद हमारी विद्युत सेवाओं और हमारे कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्य दक्षता में कोई कमी नहीं आई है। पूरे प्रदेश में न्यूनतम दर पर चौबीसों घंटे नियमित रूप से बिजली पहुंचाने की कोशिश करते हुए विद्युत कम्पनी अपनी सभी पांच कम्पनियों के साथ मिल कर प्रदेश वासियों को पूरी क्षमता के साथ अपनी सेवाएं देने के लिए प्रतिज्ञाबध्द हैं। श्री उम्मेन ने कहा कि किसी भी परिवार के सदस्य का हमेशा के लिए बिछुड़ जाना उस परिवार के साथ-साथ हम सब के लिए भी काफी दुखद होता है। किसी भी कर्मचारी की मृत्यु से हमारी संस्था को भी गंभीर क्षति पहुंचती है। ऐसे शोक संतप्त परिवारों को राहत पहुंचाना हम सब का कर्तव्य है। श्री उम्मेन ने कहा कि ऐसे परिवारों को रोजगार देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशा के अनुरूप कम्पनी द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरणों का तत्परता से निराकरण किया जा रहा है। कम्पनी के कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को भी हम तेजी से हल कर रहे हैं।

इस अवसर पर बताया गया कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कम्पनी में प्रदेश सरकार की लोक हितैशी नीतियों का पालन करते हुए आज 57 लोगों को अनुकम्पा नियुक्ति दी जा रही है और इन्हें मिला कर राज्य गठन के बाद अब तक एक हजार 052 लोगों को अनुकम्पा नियुक्ति मिल चुकी है। जिन 57 पदों के लिए लोगों को आज अनुकम्पा नियुक्ति दी गई, उनमें कार्यालय सहायक ग्रेड-03 के दस, संयंत्र सहायक श्रेणी-02 के 02, परिचारक श्रेणी-तीन (लाईन) के 31 और भृत्य के 14 पद शामिल हैं। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य पावर कम्पनी के प्रबंध संचालकगण सर्वश्री व्ही.के.वर्मा, एस.पी.चतुर्वेदी, व्ही.के.श्रीवास्तव, जी.एस.देशपाण्डेय और एस.एन.चौहान भी उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री जी.एस.कलसी ने किया।

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