वाणिज्यिक कर मंत्री द्वारा कार्यों की समीक्षा

लंबित राजस्व की वसूली अभियान चलाकर करें-श्री अमर अग्रवाल
मुद्रांक प्रकरणों के निराकरण हेतु समय-सीमा निर्धारित
वाणिज्यिक कर मंत्री द्वारा पंजीयन विभाग के कार्यों की समीक्षा

रायपुर, 16 जुलाई 2009 - वाणिज्यिक कर मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने सभी जिला पंजीयकों को मुद्रांक शुल्क की बकाया राशि की वसूली अभियान चलाकर कर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए जिला पंजीयकों को तीन माह का समय दिया है।

श्री अग्रवाल ने कहा है कि राजस्व बढ़ाने के लिए मुद्रांक शुल्क की बकाया राशि की वसूली आवश्यक है, इसलिए इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

निर्धारित समय-सीमा में राशि वसूल नहीं कर पाने वाले जिला पंजीयकों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी भी उन्होंने दी है। श्री अग्रवाल ने आज वाणिज्यिक कर भवन में आयोजित बैठक में पंजीयन और मुद्रांक शुल्क से प्राप्त राजस्व की समीक्षा की। बैठक में पंजीयन विभाग के सचिव श्री गणेश शंकर मिश्रा और महानिरीक्षक पंजीयन श्री एम.एस. पैकरा भी उपस्थित थे।

श्री अग्रवाल ने कहा कि लक्ष्य के अनुरूप राजस्व प्राप्ति के लिए बकाया राजस्व की वसूली आवश्यक है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में मुद्रांक शुल्क के 774 प्रकरणों में दो करोड़ 80 लाख रूपए की वसूली किया जाना है। इनके लिए आर.आर.सी. जारी कर दिया गया है। श्री अग्रवाल ने इसकी वसूली के लिए तीन महीने का समय जिला पंजीयकों को दिया है। इसी तरह लंबित मुद्रांक प्रकरणों का भी निराकरण करने के लिए अधिकारियों लक्ष्य दिया गया है। प्रदेश में मुद्रांक शुल्क पुनरीक्षण के दो हजार 370 प्रकरण लंबित है। इसमें सर्वाधिक 963 प्रकरण रायपुर जिले के हैं। जिला पंजीयकों से कहा गया है कि वे प्रत्येक माह कम से कम एक सौ प्रकरणों का निराकरण अनिवार्य रूप से करें। इन प्रकरणों पर लगभग 58 करोड़ 81 लाख रूपए की राशि बकाया है। बैठक में बताया गया इस वर्ष एक अप्रैल 09 से लेकर 30 जून 2009 तक पंजीयन और मुद्रांक शुल्क से 109 करोड़ 98 लाख रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह तीन महीनों के लिए निर्धारित लक्ष्य की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है। वाणिज्यिक कर मंत्री श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को राजस्व बढ़ाने के लिए हर संभव उपाय करने के निर्देश दिए।

पंजीयन विभाग के सचिव श्री गणेश शंकर मिश्रा ने जिला पंजीयकों से कहा कि वे निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास करें। आर.आर.सी. प्रकरणों की वसूली के लिए नोटिस की तामिली कराएं और राशि जमा नहीं करने वालों के विरूध्द नियमानुसार कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि सभी जिला पंजीयक प्रत्येक माह के पांच तारीख तक मुद्रांक प्रकरणों के निराकरण और आर.आर.सी. प्रकरणों पर वसूली की प्रगति से मुख्यालय को अनिवार्य रूप से अवगत कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो संबंधित जिला पंजीयक के खिलाफ विभागीय जांच संस्थित की जाएगी। उन्होंने बंद पड़े फ्रेकिंग मशीनों की मरम्मत तत्काल कराने के निर्देश महानिरीक्षक पंजीयन को दिए। उन्होंने कहा कि इन मशीनों के मरम्मत के बाद उनके रख-रखाव के लिए वार्षिक संधारण अनुबंध (ए.एम.सी.) किया जाए।

बैठक में राजधानी रायपुर सहित उप महानिरीक्षक पंजीयन श्रीमती रीना वर्मा सहित सभी जिलों के जिला पंजीयक उपस्थित थे।

Comments

Post new comment

The content of this field is kept private and will not be shown publicly.