जल के नमूने की जांच के लिए सभी पंचायतों को 'वाटर टेस्टिंग किट' उपलब्ध कराया जाएगा
सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान की वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए समीक्षा
रायपुर, 07 अक्टूबर 2009 - ग्रामीण स्तर पर सभी उपलब्ध पेयजल स्रोतों के जल के नमूनों की जांच के लिए प्रदेश के सभी पंचायतों को 'वाटर टेस्टिंग किट' उपलब्ध कराया जाएगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री दिनेश श्रीवास्तव ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 30 अक्टूबर तक सभी स्रोतों का जल परीक्षण कर लिया जाए।
श्री श्रीवास्तव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की गतिविधियों के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से कार्यपालन अभियंताओं से चर्चा की। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान, 27 अक्टूबर को आयोजित हाथ धुलाई दिवस की कार्ययोजना, ग्राम पंचायत स्तर पर जल परीक्षण, राज्य में विकासखण्ड स्तर पर सरपंच सम्मेलन की तैयारी की जानकारी आदि विषयों पर चर्चा की गई। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में अधिकारियों ने बताया गया इस वर्ष साढ़े सात लाख शौचालय निर्माण का लक्ष्य के विरूध्द अब तक डेढ़ लाख शौचालय बन चुके हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में हाथ धोने के सही तरीका अपनाने के लिए राज्य में 27 अक्टूबर को हाथ-धुलाई दिवस मनाने संबंधी तैयारियों की भी जानकारी ली गयी। बताया गया कि इसके लिए पंचायतों के पास सर्व शिक्षा अभियान के तहत एवं राष्ट्रीय ग्रामीण स्वच्छता मिशन के माध्यम से पर्याप्त राशि उपलब्ध है। अब समय आ गया है कि स्कूलों में साल में एक बार हाथ-धुलाई दिवस मनाने के स्थान पर इस अभियान को प्रतिदिन चलाया जाए।
वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में राज्य के समस्त विकासखण्डों में सरपंच सम्मेलन का आयोजन करने संबंधी गतिविधियों की समीक्षा की गयी। विकासखण्ड स्तरीय इस सरपंच सम्मेलन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता स्तर के अधिकारी, एस.डी.ओ. स्तर के अधिकारी, उप-अभियंता अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इसके साथ राज्य के सी.सी.डी.यू. के मास्टर ट्रेनर्स भी उपस्थित रहेंगे। संबंधित विकासखण्ड के जिला पंचायत के सदस्य, जनपद पंचायत के समस्त सदस्य, एस.डी.एम. को भी आमंत्रित किया गया है। जनपद पंचायत के अध्यक्ष इसके मुख्य अतिथि होंगे। इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा सरपंचों को संबोधित पत्र का वाचन किया जाता है। रायपुर जिले में 3 अक्टूबर से सरपंच सम्मेलन शुरू हुआ है, जो 9 अक्टूबर तक चलेगा। धरसींवा एवं पलारी में सरपंचों की भागीदारी 50 प्रतिशत तक रही, जबकि भाटापारा, तिल्दा एवं बलौदाबाजार में यह 80 प्रतिशत तक उपस्थिति दर्ज की गई, जो अत्यंत उत्साहजनक है। विकासखण्ड स्तरीय सरपंच सम्मेलन से सरपंचों में ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम को लेकर एक नया उत्साह जागृत हुआ है, जो मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के वर्ष 2012 तक राज्य को निर्मल राज्य बनाने के संकल्प को साकार करने में सहायक होगा। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में सी.सी.डी.यू. की डायरेक्टर श्रीमती यास्मिन सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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