रायपुर-बिलासपुर फोर लेन सड़क निर्माण

रायपुर-बिलासपुर फोर लेन सड़क निर्माण को मिली केन्द्र शासन की स्वीकृति

दो माह में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करेगा निर्माण प्रारंभ

केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री श्री कमलनाथ और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की बैठक में राज्य में सड़क निर्माण के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली स्वीकृति

रायपुर, 08 अक्टूबर 2009 - छत्तीसगढ़ के दो महत्वपूर्ण शहर रायपुर और बिलासपुर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को फोर लेन बनाने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को आज केन्द्र सरकार ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है।

सड़क का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करेगा। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री श्री कमलनाथ की आज नई दिल्ली में हुई एक संयुक्त बैठक में यह स्वीकृति दी गई। केन्द्रीय मंत्री श्री कमलनाथ और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह इस फोर लेन सड़क निर्माण का षुभारम्भ करेंगे। बैठक में छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने श्री कमलनाथ से राज्य में सड़क निर्माण के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें षीघ्र स्वीकृत करने का आग्रह किया। उन्होंने रायपुर बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के अतिरिक्त बिलासपुर से उड़ीसा सीमा, सारंगढ़ से सरायपाली, सिमगा से मध्यप्रदेष सीमा और आरंग से उड़ीसा सीमा की सड़कों को सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पी.पी.पी.) के आधार पर स्वीकृति देने का आग्रह किया।

छत्तीसगढ़ में बस्तर और नक्सल प्रभावित अन्य क्षेत्रों में सड़को के निर्माण के 37 लंबित प्रस्तावों पर भी उन्होंने षीघ्र विचार कर उन्हें स्वीकृत करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने रायपुर से धमतरी, धमतरी से जगदलपुर, पत्थलगांव से जषपुर और अम्बिकापुर से पत्थलगांव सड़क का उन्नयन करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने की मांग की। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर केन्द्रीय मंत्री ने केषकाल घाटी में घाट को चौड़ा करने और उसका उन्नयन करने के प्रस्ताव को एक सप्ताह में स्वीकृति प्रदान करने के निर्देष दिए। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री को राज्य सरकार के योजनागत, गैर योजनागत, केन्द्रीय सड़क कोष और अन्य योजनाओं के अन्तर्गत लंबित प्रस्तावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय स्तर पर वार्षिक योजना के तहत सड़क निर्माण के लगभग 230 करोड़ के 28 प्रस्ताव लंबित है और इनमें से किसी की भी स्वीकृति अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। इसी तरह सी.आर.एफ योजना के तहत भी 287 कि.मी. सड़क निर्माण के 303 करोड़ के 9 प्रस्ताव लंबित है। केन्द्रीय मंत्री ने लंबित प्रस्तावों पर गंभीरता दिखाते हुए अधिकारियों को एक माह के अंदर सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय लेकर राषि जारी करने के निर्देष दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और केन्द्रीय मंत्री श्री कमलनाथ ने राज्य में सड़कों के निर्माण के कार्य को गति प्रदान करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति बनाने पर अपनी सहमति प्रदान की। यह समिति प्रतिमाह सड़कों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा करेगी और उसमें आने वाली रूकावटों को दूर करेगी। बैठक के दौरान केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य में अगले दो वर्षो में 6500 करोड़ रूपये के सड़क निर्माण के कार्य किये जायेंगे। इसमें से लगभग 2100 करोड़ रूपये के कार्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किए जायेंगे। बैठक में कांकेर, अम्बिकापुर, चाम्पा, बागबहरा, कोंडागांव, महासंमुद, सक्ती और सारंगगढ़ बायपास के निर्माण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति देने का आग्रह किया गया। बैठक में मुख्यमंत्री ने रायपुर से आरंग सड़क के निर्माण की गति अत्यंत धीमी होने के कारण आम जनता को होने वाली समस्याओं की ओर केन्द्रीय मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया। केन्द्रीय मंत्री ने इस पर असंतोष जाहिर करते हुए अधिकारियों को संबंधित कम्पनी को निर्देषित करने के लिए कहा। बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग श्री एम.के. राउत, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एन. बैजेन्द्रकुमार और विषेषर् कत्तव्यस्थ अधिकारी श्री विक्रम सिसोदिया भी उपस्थित थे।

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