राजनांदगांव विद्युतीकरण

राजनांदगांव विद्युतीकृत गांवों का जिला
लगभग 40 करोड़ रुपए की लागत से 269 गांवों का विद्युतीकरण
आबाद 1605 में से 1604 गांव विद्युतीकृत

रायपुर, 27 अक्टूबर 2009 - छत्तीसगढ़ का राजनांदगांव जिला जल्द ही आबाद गांवों के शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल करने जा रहा है। राजनांदगांव जिले में वित्तीय वर्ष 2008-09 में 40 करोड़ तीन लाख रुपए की लागत से 269 ग्रामों का विद्युतीकरण किया गया है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक पांच गांव विद्युतीकृत किए गए हैं।

इन्हें मिलाकर राजनांदगांव जिले के आबाद 1605 गांवों में से परम्परागत तरीके से विद्युत लाईन बिछाकर और सौर ऊर्जा के माध्यम से विद्युतीकृत किए गए गांवों की संख्या अब बढ़कर 1604 हो गयी है। इन गांवों में से 1555 गांवों में बिजली लाईन विस्तार के जरिए तथा 49 गांव सौर ऊर्जा से माध्यम से बिजली पहुंचायी गयी है। अब राजनांदगांव जिले में केवल एक गांव ऐसा बचा है, जहां बिजली पहुंचायी जानी है।

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कम्पनी के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राजनांदगांव जिले में किसानों के सिंचाई पम्पों के विद्युतीकरण की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष और चालू वित्तीय वर्ष में अब तक किसानों के पांच हजार 324 सिंचाई पम्पों का ऊर्जीकरण किया गया है। जिले में वित्तीय वर्ष 2008-09 में कुल दो हजार 830 कृषि पम्पों का विद्यृतीकरण किया गया है, जिनमें किसान समृध्दि योजना के 514 सिंचाई पम्प शामिल हैं। इसी क्रम में चालू वित्तीय वर्ष में सामान्य योजना के दो हजार 153 और किसान समृध्दि योजना के 331 सिंचाई पम्पों का विद्युतीकरण किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कृषि पम्पों के विद्युतीकरण की सामान्य योजना के अंतर्गत किसान के सिंचाई पम्प तक लाईन विस्तार के लिए पचास हजार रुपए और किसान समृध्दि योजना के विद्यृतीकरण पर साठ हजार रुपए तक खर्च करने का प्रावधान है। गरीब परिवारों को नि:शुल्क एकल बत्ती कनेक्शन प्रदाय करने की योजना से जिले में एक लाख 4 हजार गरीब परिवारों के घरों में रोशनी हो रही है।

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