बाल

शिशु संरक्षण माह एक नवम्बर से

ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस के रूप में मनाया जाएगा शिशु संरक्षण माह
शिशु संरक्षण माह का मुख्य कार्यक्रम जांजगीर में 3 नवम्बर को

रायपुर, 31 अक्टूबर 2009 छत्तीसगढ़ में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शिशु संरक्षण माह एक नवम्बर से 30 नवम्बर तक मनाया जाएगा। राज्य शासन द्वारा इस वर्ष शिशु संरक्षण माह को 'ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस' के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इसके अन्तर्गत गर्भवती माताओं के पंजीयन और माताओं तथा बच्चों के नियमित टीकाकरण के साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से आवश्यकता अनुसार बच्चों को पूरक पोषण आहार भी उपलब्ध कराया जाएगा। शिशु संरक्षण माह का मुख्य कार्यक्रम 3 नवम्बर को जांजगीर में होगा, जहां स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ करेंगे। शिशु संरक्षण माह में महिला एवं बालविकास विभाग के अमले और मितानिनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संचालनालय द्वारा इस संबंध में सभी मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बच्चों और गर्भवती माताओं को शिशु संरक्षण माह के दौरान टीकाकरण के साथ ही आयरन की गोलियां और विटामिन 'ए' का घोल, कृमि नाशक दवा का वितरण, नमक परीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा बाल लकवा के प्रकरणों की भी खोज की जाएगी।  read more »

बच्चों को मिला ढ़ेर सारा उपहार

मुख्यमंत्री ने अनाथ और बेसहारा बच्चों के साथ बांटी जन्म दिन की खुशियां
दीपावली के लिए बच्चों को मिला ढ़ेर सारा उपहार

रायपुर, 15 अक्टूबर 2009 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज धनतेरस और अपना जन्मदिन राजधानी रायपुर स्थित अनाथ और बेसहारा बच्चों के साथ भी मनाया, जो नक्सल हिंसा और अन्य सामाजिक-आर्थिक और प्राकृतिक कारणों से बेघर हो गए थे।

डॉ. सिंह इन बच्चों से मिलने दोपहर रोहिणीपुरम कॉलोनी में गायत्री शक्ति पीठ द्वारा संचालित मां भगवती वात्सल्य निकेतन और नंदनवन के नजदीक ग्राम हथबंद में छत्तीसगढ़ जनकल्याण मंच द्वारा संचालित गुरूकुल बाल ग्राम पहुंचे।  read more »

बाल लकवा के प्रकरणों की खोज

रायपुर, 08 अक्टूबर 2009 - राज्य निर्माण की नवमी वर्षगाठ पर छत्तीसगढ़ में आगामी एक नवम्बर से शुरू हो रहे शिशु संरक्षण माह के दौरान बाल लकवा के प्रकरणों की भी खोज की जाएगी। इस संबंध में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा सभी मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों को विस्तृत निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों से कहा गया है कि वे शिशु संरक्षण माह के दौरान बच्चों और गर्भवती माताओं के नियमित टीकाकरण के साथ ही विकासखंड और सेक्टर स्तर बाल लकवा का पता लगाएं। यदि कहीं बाल लकवा के प्रकरण पाए जाते हैं, तो उसकी सूचना तत्काल स्वास्थ्य संचालनालय को दें। इसके साथ ही कृमि प्रकोप वाले बच्चों की भी पहचान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से कहा गया है कि जिन विकासखंडों और सेक्टर में बाल लकवा की जानकारी निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप नहीं है, उन विकासखंडों और सेक्टर के स्वास्थ्य कर्मियों को चेतावनी दिया जाए। इसके साथ ही क्षेत्र में पांच वर्ष तक के नव आगन्तुक बच्चों को पोलियो ड्रॉप शिशु संरक्षण माह के दौरान पिलाया जाना सुनिश्चित करें।  read more »

कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार

मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा गोद लिए गए अति कुपोषित बच्चों एवं उनके परिजनों से कल राजनांदगांव में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह ने मुलाकात की।

श्रीमती वीणा सिंह राजनांदगांव सर्किट हाऊस में इन बच्चों से बड़े ही ममत्व भाव से मिली और उन्हें दुलार करने के साथ बिस्कुट एवं विटामिन-प्रोटीन युक्त आहार का पैकेट भेंट किया।

उन्होंने इन बच्चों के स्वास्थ्य के स्तर और खान-पान के बारे में भी जानकारी हासिल की। इस दौरान महिला एवं बाल विकास, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेंडी, सांसद श्री मधुसूदन यादव, पूर्व मंत्री श्री लीलाराम भोजवानी, जिला पंचायत राजनांदगांव के अध्यक्ष श्री भरत वर्मा, उपाध्यक्ष श्री सचिन बघेल, राजगामी सम्पदा के अध्यक्ष श्री संतोष अग्रवाल, मंडी उपाध्यक्ष श्री कोमल सिंह राजपूत, सर्व श्री रमेश पटेल, नीलू शर्मा एवं अन्य अनेक जनप्रतिनिधि तथा पार्षदगण मौजूद थे।  read more »

महिला एवं बाल विकास मंत्री का दौरा कार्यक्रम

रायपुर, 31 जुलाई 2009 - महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री लता उसेण्डी कल एक अगस्त को सुबह 9 बजे रायपुर से कार द्वारा गौरेला के लिए रवाना होंगी। सुश्री उसेण्डी दोपहर 12 बजे गौरेला पहुंचकर वहां आयोजित परियोजना सलाहकार मण्डल की बैठक में शामिल होंगी। वे यहां से शाम 4 बजे बिलासपुर के लिए रवाना होंगी और वहां से रात्रि 8.30 बजे रायपुर के लिए रवाना होंगी।

फैक्ट्री श्रमिकों के बच्चों को भी मिलेगी छात्रवृत्ति

रायपुर, 31 जुलाई 2009 - छत्तीसगढ़ के कारखानों और औद्योगिक संस्थानों में काम करने वाले श्रमिकों के अध्ययनरत पुत्र-पुत्रियों को शैक्षणिक छात्रवृत्ति दी जाएगी। श्रम कल्याण मण्डल द्वारा वर्ष 2009-10 में दी जाने वाली छात्रवृत्तियों के लिए आगामी 20 अगस्त तक आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। छात्रवृत्ति से संबंधित आवेदन प्रारूप एवं विस्तृत नियमावली सभी सहायक श्रम आयुक्त कार्यालयों सहित श्रम पदाधिकारी कार्यालयों और श्रम कल्याण मण्डल के गीतांजली नगर कैलाश रेसीडेन्सी स्थित राज्य कार्यालय से भी प्राप्त किए जा सकते हैं।

श्रम कल्याण मण्डल के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मण्डल को अभिदाय देने वाले राज्य के औद्योगिक संस्थानों और कारखानों में कार्यरत श्रमिकों के बच्चों को छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1982 के तहत शिक्षा के लिए छात्रवृत्तियां दी जाती हैं।  read more »

बच्चों को भोजन के पहले मिलेगा नाश्ता

रायपुर, 30 जुलाई 2009 - छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के पोषण आहार में सुधार के लिए तीन वर्ष से छह वर्ष तक आयु समूह के सभी बच्चों को अब गर्म पके हुए ताजा भोजन के साथ नाश्ता भी दिया जाएगा। इस आयु वर्ग के लगभग आठ लाख बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। उन्हें सबसे पहले नाश्ता दिया जाएगा। नाश्ते के तीन घंटे बाद बच्चों को गर्म पका हुआ ताजा भोजन परोसा जाएगा। नाश्ते में बच्चों को चना, मुरमुरा, गुड़, मूंगफली, रेडी-टू-इट-फुड, उबला और भीगा चना दिया जाएगा। इससे उन्हें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, कैलोरी और पोषक तत्व मिल सकेगा।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यहां मंत्रालय से राज्य के सभी जिला कलेक्टरों, जिला कार्यक्रम अधिकारियों, महिला एवं बाल विकास अधिकारियों और बाल विकास परियोजना अधिकारियों को जारी एक परिपत्र में इस बारे में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं।  read more »

पूरक पोषण आहार के लिये 123.45 करोड़

रायपुर, 13 जुलाई 2009 - छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थित बाल विकास परियोजनाओं में पूरक पोषण आहार कार्यक्रम के सुव्यवस्थित संचालन के लिये 123 करोड़ 45 लाख रूपए की राशि जिलेवार जारी कर दी है। इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के लगभग 34 हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 25 लाख हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि पूरक पोषण आहार कार्यक्रम के लिए प्रदेश के रायपुर जिले को सर्वाधिक राशि आबंटित की गई है। उन्होनें बताया कि पूरक पोषण आहार के लिए रायपुर जिले को 17 करोड़ 40 लाख रूपए और सरगुजा जिले के लिये 15 करोड़ 60 लाख रूपए की राशि आवंटित की गयी है। इसी प्रकार बिलासपुर जिले के लिये 13 करोड़ पांच लाख रूपए, दुर्ग जिले के लिये 12 करोड़ रूपए, बस्तर जिले के लिये आठ करोड़ दस लाख रूपये रायगढ़ जिले के लिए छह करोड़ 90 लाख रूपए जारी की गई है।  read more »

पूरक पोषण आहार कार्यक्रम

छत्तीसगढ़ बहुत जल्द बनेगा कुपोषण मुक्त राज्य - आंगनबाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार कार्यक्रम
हर दिन लगभग 25 लाख हितग्राहियों को पौष्टिक आहार
इनमें 19.77 लाख बच्चे और 5.18 लाख माताएं शामिल
पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता बढ़ाने राशि भी बढ़ाई गई
छत्तीसगढ़ रायपुर, 09 जुलाई 2009 छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त राज्य के रूप में नई पहचान दिलाने के लिए राज्य शासन द्वारा प्रदेश के लगभग 34 हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों में ''पूरक पोषण आहार कार्यक्रम'' चलाया जा रहा है। इसके उत्साहजनक नतीजे देखे जा रहे हैं। बच्चों में कुपोषण की दर वर्ष 1998 की 61 प्रतिशत की तुलना में घटकर अब केवल 52 प्रतिशत के आस-पास रह गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इसे आगामी वर्ष 2015 तक और भी कम करते हुए 30 प्रतिशत के आस-पास लाने का लक्ष्य घोषित किया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री लता उसेण्डी ने कहा है कि राज्य को इस लक्ष्य तक पहुंचाने में पूरक पोषण आहार कार्यक्रम की बहुत बड़ी भूमिका होगी।  read more »

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