मुख्यमंत्री ने अनाथ और बेसहारा बच्चों के साथ बांटी जन्म दिन की खुशियां
दीपावली के लिए बच्चों को मिला ढ़ेर सारा उपहार
रायपुर, 15 अक्टूबर 2009 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज धनतेरस और अपना जन्मदिन राजधानी रायपुर स्थित अनाथ और बेसहारा बच्चों के साथ भी मनाया, जो नक्सल हिंसा और अन्य सामाजिक-आर्थिक और प्राकृतिक कारणों से बेघर हो गए थे।
डॉ. सिंह इन बच्चों से मिलने दोपहर रोहिणीपुरम कॉलोनी में गायत्री शक्ति पीठ द्वारा संचालित मां भगवती वात्सल्य निकेतन और नंदनवन के नजदीक ग्राम हथबंद में छत्तीसगढ़ जनकल्याण मंच द्वारा संचालित गुरूकुल बाल ग्राम पहुंचे।
उन्होंने इन बच्चों को दीपावली के लिए मिठाईयों के साथ पटाखों का उपहार दिया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें समझाया कि वे स्वयं को अकेला न समझें। हम सब उनके साथ हैं। डॉ. सिंह ने गुरूकुल बाल ग्राम के लिए पांच लाख रूपए का स्वेच्छानुदान भी जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री इसके अलावा रोहिणीपुरम् में ही वनवासी विकास समिति द्वारा संचालित शबरी कन्या आश्रम भी गए, जहां पूर्वोत्तर राज्यों की 70 बालिकाओं को शिक्षा, भोजन और आवास की सुविधाएं दी जा रही हैं। तीनों आश्रमों में बच्चों ने सुमधुर गीतों से अतिथियों का स्वागत कर उनका मन मोह लिया।
डॉ. सिंह ने तीनों आश्रमों के बेहतर संचालन के लिए संबंधित समाजसेवी संस्थाओं की प्रशंसा की और उन्हें राज्य शासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। नगरीय प्रशासन मंत्री श्री राजेश मूणत, संसदीय सचिव श्री विजय बघेल और राज्य खनिज विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल भी मुख्यमंत्री के साथ थे।
मुख्यमंत्री को जन्म दिन पर मिला अनूठा उपहार
मुख्यमंत्री के बेटे और बेटी ने उन्हें जन्म दिन का अनूठा उपहार दिया। माता गायत्री शिक्षण एवं सेवा समिति द्वारा संचालित मां भगवती वात्सल्य निकेतन में मुख्यमंत्री की सुपुत्री डॉ. अस्मिता सिंह ने आश्रम के अनाथ और बेसहारा बच्चों के लिए आजीवन हर महीने अपनी आमदनी से पांच हजार रूपए देने का संकल्प व्यक्त किया, वहीं उनके सुपुत्र श्री अभिषेक सिंह ने अपनी कमाई से शबरी कन्या आश्रम के बच्चों के लिए आजीवन हर माह पांच हजार रूपए देने का संकल्प लिया। अपने बेटे-बेटियों से जन्म दिन पर मिले इस अनूठे उपहार से मुख्यमंत्री अभिभूत हो गए।
मां भगवती वात्सल्य निकेतन में नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के 26 अनाथ बच्चे रह कर पढ़ाई कर रहे हैं। यहां पहुंचने पर माता गायत्री शिक्षण एवं सेवा समिति के डॉ. अरूण मढ़रिया सहित समिति के पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया।
वनवासी विकास समिति द्वारा रोहिणीपुरम में संचालित शबरी कन्या आश्रम में असम, अरूणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, नागालैण्ड, मिजोरम, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की 70 बालिकाएं रह कर रायपुर के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में अध्ययन कर रही हैं। आश्रम की बालिकाओं ने स्वयं द्वारा बनाए गए राधा-कृष्ण का चित्र भेंट कर मुख्यमंत्री को जन्म दिन की बधाई दी।
बच्चियों ने 'तरईया म सारस बोले रे' छत्तीसगढ़ी गीत के साथ भजन भी प्रस्तुत किए। वनवासी विकास समिति के अध्यक्ष श्री गोपाल कृष्ण अग्रवाल, सचिव श्री हरिनारायण मोहता और श्री रामधनी भगत ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि वे दीपावली पर उनसे मिलने आए हैं।
ग्राम हथबंद स्थित गुरूकुल बाल ग्राम में नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के 52 अनाथ और बेसहारा बच्चे रहते हैं। यहां बच्चों को पढ़ाने के लिए चार शिक्षकों की व्यवस्था है। हायर सेकेण्डरी के बच्चे हीरापुर के स्कूल में पढ़ते हैं।
मुख्यमंत्री ने गुरूकुल बाल ग्राम में निर्माण कार्य के लिए पांच लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की। आश्रम पहुंचने पर छत्तीसगढ़ जन-कल्याण मंच के अध्यक्ष श्री नारायण राव और सचिव श्री सुशील कुमार सहित मंच के पदाधिकारियों और आश्रम के शिक्षकों और कार्यकर्ताओं ने अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।
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