भवन निर्माण में लगे पंजीयन होगा मजदूरों का
निर्माण कार्यों पर उपकर की वसूली अनिवार्य
रायपुर, 23 अक्टूबर 2009 - छत्तीसगढ़ में भवन एवं अन्य सभी संनिर्माण कार्यों में लगे 18 वर्ष से लगे 60 वर्ष आयु समूह के सभी श्रमिकों का पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है। श्रम विभाग द्वारा उन्हें पंजीयन के बाद परिचय पत्र भी जारी किए जाएंगे। प्रदेश में भवन निर्माण कार्यों पर एक प्रतिशत उपकर की वसूली भी अनिवार्य कर दी गई है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ राजपत्र में छत्तीसगढ़ भवन एवं संनिर्माण कर्मकार नियम के तहत अधिसूचना पिछले वर्ष ही प्रकाशित की जा चुकी है।
उक्त अधिसूचना उपरांत राज्य में भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 एवं भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार उपकर अधिनियम 1996 प्रभावषील हो गया है। इस अधिनियम के तहत संनिर्माण कार्यों की लागत का एक प्रतिषत उपकर संग्रहित किया जाएगा।
किसी सरकारी या सार्वजनिक उपक्रमों का निर्माण ठेकेदारों या स्वयं द्वारा कराने अथवा स्थानीय प्राधिकारी के माध्यम से ऐसे निर्माण कार्य का अनुमोदन अपेक्षित होने पर भी उपकर का अग्रिम संग्रहण संबंधित विभाग, सार्वजनिक उपक्रम या स्थानीय प्राधिकारी द्वारा किया जावेगा। उपकर की यह राषि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड को भेजी जावेगी।
राज्य शासन ने भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार के कल्याण हेतु गठित बोर्ड के संसाधनों को सुदृढ़ करने के उद्देष्य से नियोजकों द्वारा उपगत संनिर्माण की लागत पर नियत उपकर के उद्गहण तथा संग्रहरण हेतु यह अधिनियम बनाया है। अधिनियम में निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों की कार्य दषाओं, उनके स्वास्थ्य सुरक्षा और कल्याण के प्रावधान किए गए हैं।
किसी व्यक्ति द्वारा स्वयं अपने आवास के लिए दस लाख रूपये तक की लागत के बनाये जा रहे मकान को छोड़कर अन्य सभी निर्माण कार्यों पर यह कानून प्रभावषील है। निर्माण मजदूरों के कल्याण के लिए राज्य स्तर पर एक कल्याण निधि की स्थापना की गई है और इसके प्रषासकीय संचालन के लिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कल्याण मंडल का गठन किया गया है। मंडल द्वारा निर्माण मजदुरों के कल्याण की योजना बना उन्हें क्रियान्वित किया जावेगा। मंडल द्वारा पंजीबध्द निर्माण मजदूरों को पेंषन, गृह निर्माण ऋण एवं ब्याज सब्सिडी, षिक्षा सहायता, आय संवर्धन सहायता ऋण, विवाह सहायता, चिकित्सा सहायता, प्रसूति सहायता, बीमा (सामूहिक बीमा), मृत्यु के मामले में सहायता आदि प्रसुविधाओं की योजना से लाभान्वित किया जावेगा। राज्य सरकार द्वारा अधिनियम के प्रावधानों के तहत उपकर संग्रहणकर्ता अधिकारी एवं मूल्यांकन अधिकारी की नियुक्ति भी की है। अधिनियम में किए गए प्रावधानों के तहत नियोजक को निर्माण कार्य पूरा होने के तीस दिन के भीतर या उपकर निर्धारण के तीस दिन के अंदर उपकर जमा करना होगा। एक वर्ष से अधिक कार्य चलने पर एक वर्ष समाप्ति के 30 दिवस के भीतर उपकर देय होगा।
अधिनियम के तहत केंद्रीय सलाहकार समिति, राज्य सलाहकार समिति एवं विषेषज्ञ समिति गठित की जावेगी। प्रत्येक नियोजक स्थापना पंजीयन हेतु 60 दिवस के भीतर आवेदन प्रस्तुत करेगा। रजिस्टेषन अधिकारी, निर्धारित प्रारूप में आवेदन एवं नियत शुल्क प्राप्त होने पर पंजीयन प्रमाण पत्र जारी करेगा। प्रत्येक भवन कर्मकार जिसने 18 वर्ष की आयु पूरी की हो किंतु 60 वर्ष की आयु पूरी नहीं की हो तथा पिछले 12 माह में कम से कम 90 दिन संनिर्माण कार्य में लगा रहा है। इस अधिनियम के अन्तर्गत हिताधिकारी के रूप में पंजीयन हेतु पात्र होगा। इस हेतु आवेदन निर्धारित प्रारूप# में नियत शुल्क सहित प्रस्तुत किया जावेगा। कल्याण बोर्ड द्वारा प्राधिकृत अधिकारी कर्मकारों का पंजीयन कर पहचान पत्र जारी करेगा। राज्य शासन द्वारा सभी जिलों के जिला कलेक्टरों और समस्त औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं निर्माण एजेंसियों को भवन एवं संनिर्माण कर्मकार (नियोजन एवं सेवा शर्ते विनियमन) अधिनियम 1996 व भवन एवं संनिर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम 1996 के अनुरूप# आवष्यक कार्यवाहियों की पूर्ति सुनिष्चित करने के निर्देष दिये हैं।
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