आबकारी से 648 करोड़ रूपए का राजस्व छत्तीसगढ़ को मिला
रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जिले में राजस्व बढ़ाने के निर्देश
वाणिज्यिक कर मंत्री श्री अग्रवाल ने की राजस्व वसूली की समीक्षा
रायपुर, 23 अक्टूबर 2009 - छत्तीसगढ़ राज्य शासन को चालू वित्तीय वर्ष की पहली छह माही में 30 सितम्बर तक आबकारी से 648 करोड़ 93 लाख रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह गत वर्ष इसी अवधि में प्राप्त राजस्व की तुलना में 34.71 प्रतिशत अधिक है, जबकि इस वर्ष अप्रैल से सितम्बर माह तक के लिए निर्धारित लक्ष्य 544 करोड़ की तुलना में 119 प्रतिशत अधिक है।
यह जानकारी छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर मंत्री श्री अमर अग्रवाल की अध्यक्षता में आज यहां वाणिज्यिक कर भवन में आयोजित आबकारी अधिकारियों की बैठक में दी गई। वाणिज्यिक कर मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राजस्व तो बढ़ा है, लेकिन यह गत वर्ष खपत की तुलना में प्राप्त राजस्व की तुलना में कम है। उन्होंने अधिकारियों को खपत के अनुसार राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में छत्तीसगढ़ आबकारी सचिव और आयुक्त श्री गणेश शंकर मिश्रा भी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने बैठक में कहा कि राजस्व तो बढा है, यह गत वर्ष की खपत के अनुसार बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के चार बड़े जिले रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और रायगढ़ में गत वर्ष की खपत की तुलना में राजस्व कम मिल रहा है। इसका मतलब है या तो ठेकेदारों का एकाधिकार है अथवा अवैध शराब की बिक्री हो रही है। इन चारों जिलों में निराशाजनक स्थिति है। संबंधित आबकारी अधिकारी इस दिशा में कार्रवाई कर राजस्व बढ़ाने का प्रयास करें। इसी तरह कबीरधाम जिले में अन्य जिलों की तुलना में कम राजस्व प्राप्त होने पर श्री अग्रवाल ने राज्य स्तरीय उड़नदस्ते के प्रभारी को वहां छापामार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेरियर में भी माल के आवक की जांच की जाए।
श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ केबल से प्राप्त आय और उसकी संख्या पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके निर्देश के बावजूद छत्तीसगढ़ केबल कनेक्शनों की संख्या में अपेक्षित वृध्दि नहीं हो रही है। छत्तीसगढ़ प्रदेश में जितने केबल कनेक्शनों की संख्या बताई जा रही है, उतने कनेक्शन अकेले रायपुर शहर में हो सकते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ केबल कनेक्शन की संख्या बढ़ाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में एक लाख 12 हजार 820 केबल कनेक्शन हैं, जिनसे 30 सितम्बर 09 तक एक करोड़ 20 लाख रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है।
बैठक में अधिकारियों ने ताड़ी दुकान बंद करने और पापीस्ट्रा के लायसेंस नीति में बदलाव लाने का सुझाव दिया। वर्तमान में रायगढ़ और जांजगीर-चांपा में ताड़ी की दुकानें हैं, जिससे सितम्बर माह तक दो लाख 62 हजार रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। वाणिज्यिक कर मंत्री ने इन दोनों सुझावों पर विचार करने के आश्वासन दिया। बैठक में छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के अपर आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त और जिला आबकारी अधिकारी उपस्थित थे।
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