दु:ख-दर्द बांटना भारतीय संस्कृति
कर्नाटक के बाढ़ पीड़ितों के लिए
चावल की ट्रेन को दिखाई हरी झण्डी
रायपुर, 15 अक्टूबर 2009 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने धनतेरस के मौके पर आज शाम यहां रेल्वे स्टेशन पर कर्नाटक के बाढ़ पीड़ितों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से चावल की एक रैक ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर गंतव्य के लिए रवाना किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति में एक-दूसरे के सुख-दु:ख में काम आने, एक-दूसरे का दु:ख-दर्द बांटने और त्यौहारों को मिल-जुल कर मनाने की परम्परा है।
ऐसे में आज धनतेरस और आने वाली दीपावली के मौके पर यह छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से कर्नाटक के उन हजारों बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए मानवीय संवेदना और सामाजिक सद्भावना के साथ यह एक छोटी से भेंट है, जो इस प्राकृतिक आपदा के कारण बेघर-बार हो गए हैं।
उल्लेखनीय है कि इस रेलगाड़ी में राज्य शासन द्वारा प्रदेशवासियों की ओर से चार करोड़ 45 लाख रूपये का 24 हजार 206 क्विंटल चावल कर्नाटक स्थित बागलकोट रेल्वे स्टेशन के लिए भेजा गया, जहां यह कर्नाटक राज्य भंडारगृह निगम को सौंपा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 42 वैगनों वाली इस ट्रेन में यह चावल लगभग 50 हजार बोरों में भरकर भेजा गया है। इस अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले, लोकनिर्माण एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, गृह मंत्री श्री ननकीराम कंवर और नगरीय प्रशासन मंत्री श्री राजेश मूणत, विधायक द्वय सर्वश्री कुलदीप जुनेजा और राजू क्षत्री भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि कुछ दिनों पहले कर्नाटक और आंध्रप्रदेश में भारी वर्षा और बाढ़ के कारण काफी संख्या में लोगों को नुकसान हुआ है। ऐसे विपत्ति के समय में वहां की पीड़ित जनता की मदद करना हम सबकार् कत्तव्य बन जाता है। डॉ. सिंह ने कहा कि उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पहला राज्य है, जो कर्नाटक की बाढ़ पीड़ित जनता के लिए इतनी बड़ी मदद कर रहा है। डॉ. सिंह ने कहा कि कर्नाटक के प्राकृतिक आपदा पीड़ित लोगों के लिए छत्तीसगढ़ की दो करोड़ दस लाख जनता की ओर से मानवीय संवेदनाओं के साथ सामाजिक सद्भावना के रूप में यह सहायता भेजी जा रही है। डॉ. रमन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार आंध्र के बाढ़ पीड़ितों के लिए भी चावल भेजना चाहती थी और इसके लिए मैंने वहां के मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भी दिया था। आंध्र के मुख्यमंत्री ने हमारी इस पेशकश के लिए धन्यवाद देते हुए जानकारी दी कि उनके पास फिलहाल बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त चावल उपलब्ध है। अत: फिलहाल राज्य शासन द्वारा कर्नाटक को यह मदद भेजी जा रही है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा करना छत्तीसगढ़ वासियों की भी सदियों पुरानी परम्परा रही है। उन्होंने कहा कि जहां विपत्ति के समय मदद पहुंचाने की जरूरत पड़ती है, वहां धनतेरस और दीपावली जैसे पर्व को नहीं देखा जाता। राज्य शासन इसी ध्येय से कर्नाटक को यह सहायता उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम समय में बड़ी मात्रा में चावल भेजने का पूरा इंतजाम करने पर खाद्य मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ पीड़ित जनता की मदद के लिए छत्तीसगढ़ की ओर से चावल भेजने के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री बी.एस. येदुरप्पा ने छत्तीसगढ़ वासियों की प्रशंसा की है और आभार प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने कम समय में रेल्वे रैक उपलब्ध कराने के लिए रेल्वे प्रशासन को विशेष रूप से धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव श्री विवेक ढांड ने बताया कि इस माह के प्रथम सप्ताह में दक्षिण भारत के कर्नाटक एवं आंध्रप्रदेश में भारी बारिश एवं बाढ़ से दो लाख लोग बेघर हो गए। कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से विगत 12 अक्टूबर को मदद के लिए आग्रह किया। डॉ. रमन सिंह ने निर्देश पर खाद्य विभाग द्वारा अल्प समय में ही रेल्वे के मंडल प्रबंधक से तुरंत चर्चा कर रैक की व्यवस्था की गयी। श्री ढांड ने बताया कि भारतीय रेल प्रशासन ने राज्य शासन को इस चावल के परिवहन व्यय में 29 लाख 78 हजार रूपए की विशेष छूट दी है। कार्यक्रम का संचालक खाद्य विभाग के सचिव एवं आयुक्त श्री प्रदीप पंत ने किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम और भारतीय रेल्वे के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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