गरीबी रेखा श्रेणी के ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण के साथ मिलेगी नौकरी
स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत विशेष परियोजना
रायपुर, 02 जुलाई 2009 - छत्तीसगढ़ में गरीबी रेखा श्रेणी के दसवीं फेल, 18 से 35 वर्ष आयु-समूह के ग्रामीण युवाओं को अब रोजगार मूलक व्यवसायिक प्रशिक्षण के साथ बहुराष्ट्रीय कंपनियों में तुरन्त नौकरी भी मिल सकेगी
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा श्रेणी के युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराने की विशेष परियोजना को केन्द्र सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी है। इस प्रशिक्षण के लिए होने वाला खर्च केन्द्र सरकार और बहुराष्ट्रीय कंपनी लासर्न एण्ड टूब्रो द्वारा वहन किया जाएगा।
राज्य सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रदेश के ग्रामीण युवाओं का चयन कर सूची लार्सन एण्ड टूब्रो कंपनी को दी जाएगी। ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिल्ली, मुम्बई और कोलकता के प्रतिष्ठित संस्थानों में दिया जाएगा।
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा इस संबंध में आज यहां मंत्रालय से परिपत्र जारी कर सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए है। परिपत्र में जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को इस कार्य के लिए व्यक्तिगत रूचि लेकर प्रत्येक जिले से कम से कम 15 युवाओं का चयन कर किसी एक प्रशिक्षण संस्थान में किसी उपयुक्त अधिकारी के साथ आवेदन पत्र सहित भिजवाने की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित करने कहा गया है। परिपत्र में कहा गया है कि यह प्रशिक्षण दसवीं कक्षा फेल या उससे कम पढ़े-लिखे गरीबी रेखा श्रेणी के ऐसे ग्रामीण युवाओं के लिए है, जिनकी आयु 18 से 35 वर्ष हो। युवाओं को निर्माण उद्योग से संबंधित ट्रेड जैसे-राजमिस्त्री, सरियामिस्त्री, शटरिंग कारपेन्टर और इलेक्ट्रिकल वायरमेन आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण संस्थान में तीन माह और कार्यस्थल पर एक माह दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को प्रतिमाह 1500 रूपए का वजीफा भी दिया जाएगा। परिपत्र में कहा गया है कि प्रशिक्षणार्थियों के रहने की व्यवस्था संस्थान द्वारा की जाएगी, लेकिन आवश्यक सामग्रियों में बिस्तर, चादर आदि के साथ भोजन की व्यवस्था भी प्रशिक्षणार्थियों को स्वयं करना होगी।
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