खाद्य सुरक्षा हमारी सामाजिक प्रतिबध्दता

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण छत्तीसगढ़ के खाद्य सुरक्षा एटलस का विमोचन किया

रायपुर, 28 जुलाई 2009 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां ग्रामीण छत्तीसगढ़ के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ के विश्व खाद्य कार्यक्रम और मानव विकास संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से तैयार एटलस का विमोचन करते हुए कहा कि गरीबों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी सामाजिक प्रतिबध्दता है।

इस समय छत्तीसगढ़ देश का इकलौता ऐसा राज्य है, जो लगभग 37 लाख गरीब परिवारों को सिर्फ एक रूपए और दो रूपए किलो में हर महीने 35 किलो चावल और दो किलो नि:शुल्क नमक उचित मूल्य की दुकानों के जरिए उपलब्ध करा रहा है। डॉ. सिंह ने कहा कि कुपोषण की समस्या को देखते हुए हमने राज्य के मेहनतकश गरीबों की जरूरतों को समझा और उन्हें बेहद कम कीमत पर चावल और नि:शुल्क नमक देने का निर्णय लिया। यह हमारी सामाजिक प्रतिबध्दता है।

विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित विमोचन कार्यक्रम में डॉ. रमन सिंह ने कहा कि गरीबाें के 'भोजन के अधिकार' को वैधानिक मान्यता दिलाने का कानून भी छत्तीसगढ़ सरकार बहुत जल्द बनाने जा रही है और इस दिशा में भी यह देश का पहला राज्य होगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण छत्तीसगढ़ के इस खाद्यान्न सुरक्षा एटलस का उल्लेख करते हुए कहा कि निश्चित रूप से इसे तैयार करने में काफी मेहनत की गई है और यह मानचित्र राज्य में खाद्य सुरक्षा का सूचना तंत्र विकसित करने की दिशा में एक अच्छी शुरूआत है, लेकिन यह वर्ष 2001 की जनगणना की आंकड़ों पर आधारित है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य के प्रकाशनों में इसे और भी नए आंकड़ों के साथ पेश किया जाएगा।

डॉ. सिंह ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ में कुपोषण की दर घट कर अब 52 प्रतिशत के आस-पास रह गई है, जिसे निकट भविष्य में तीस प्रतिशत पर लाने का हमारा लक्ष्य है। राज्य में लगभग 34 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से प्रतिदिन करीब तीस लाख बच्चों और शिशुवती तथा गर्भवती माताओं को पूरक पौष्टिक आहार दिया जा रहा है। स्कूली बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम का संचालन भी हम पूरी सफलता से कर रहे हैं। इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र संघ के विश्व खाद्य कार्यक्रम की भारत स्थित प्रतिनिधि और राष्ट्रीय निदेशक सुश्री मिहिको तामामुरा ने कहा कि कुपोषण मुक्ति के लिए खाद्यान्न सुरक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में हो रहे प्रयास उनकी सामाजिक प्रतिबध्दता को प्रकट करते हैं। यह एटलस छत्तीसगढ़ के पुराने सोलह में दस जिलों को चिन्हांकित कर उनमें खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से और भी अधिक प्रयास करने की सलाह देता है। इस अवसर पर नगर निगम रायपुर के महापौर श्री सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ सरकार के आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग के सचिव श्री आर.पी.मंडल और राज्य शासन तथा विश्व खाद्य कार्यक्रम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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