देश की बहुमूल्य सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाये युवा पीढ़ी : श्री नरसिम्हन
भारतीय संस्कृति राष्ट्रीय एकता का अमूल्य तत्व
स्पिक मैके द्वारा आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ किया राज्यपाल ने
रायपुर, 18 जुलाई 2009 - छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री ई.एस.एल. नरसिम्हन ने कहा कि भारतीय कला एवं संस्कृति हमारे राष्ट्रीय एकता का सबसे अमूल्य तत्व है। भारतीय संगीत चाहे पूरब हो या पश्चिम, उत्तर हो या दक्षिण, विविध नृत्यों मणिपुरी हो या ओड़िसी, भारतनाटयम हो या कुचीपुड़ी सभी में एकत्व है। संगीत बच्चों से लेकर बुजुर्गों, हर वर्ग, हर धर्म के लोगों के लिए है, सभी इसे सीख सकते हैं। यह हमारी परम्परा का अभिन्न अंग है। आज युवा पीढ़ी हमारी संस्कृति को भूलते जा रही है। ऐसे समय में हमें अपनी युवा पीढ़ी को अपनी बहुमूल्य सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराने की अत्यंत आवश्यकता है। हमारी समृध्द भारतीय कला एवं संस्कृति की धरोहर को संजोकर रखने की जिम्मेदारी अब युवा पीढ़ी पर है।
उक्त विचार आज रायपुर के पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के सभागार में श्री नरसिम्हन ने मुख्य अतिथि की आसंदी से सोसायटी फार प्रमोशन आफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड कल्चर अमोगेंस्ट यूथ (स्पिक मैके) द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय अधिवेशन के उद्धाटन समारोह में व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने की। इस अवसर पर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति श्री एस.के. पाण्डेय, एन.आई.टी. बोर्ड के चेयरमेन श्री ललित सुरजन, स्पिक मैके के संस्थापक डॉ. किरण सेठ उपस्थित थे। read more »
छत्तीसगढ़ रायपुर, 10 जुलाई 2009 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज सवेरे यहां उनके निवास पर छत्तीसगढ़ दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले के सुकमा निवासी श्री धनसाय बघेल ने सौजन्य मुलाकात की और उन्हें मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम की काष्ठ निर्मित प्रतिमा भेंट की। छत्तीसगढ़ शिल्पकार श्री बघेल ने इस प्रतिमा का निर्माण एक ही लकड़ी को काटे बिना तराश कर किया है। read more »